
गैस सिलेंडर अब देश में लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। इसीलिए लोग खाना बनाने के लिए कई ऑप्शन ढूंढ रहे है। कई बार घरों में अचानक गैस खत्म हो जाती है और नया सिलेंडर मिलने में समय लग जाता है। कुछ जगहों पर लोगों को गैस भरवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में रसोई का काम प्रभावित न हो, इसके लिए कई परिवार अब इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं।
इंडक्शन चूल्हे पर दाल, चावल, सब्जी, दूध या चाय बनाना तो आसान होता है, लेकिन जब बात रोटी बनाने की आती है तो कई लोगों के मन में शंका रहती है कि इंडक्शन पर रोटी ठीक से नहीं बनेगी या सख्त हो जाएगी। हालांकि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। यदि सही तरीके से रोटी बनाई जाए तो इंडक्शन पर भी रोटियां गैस की तरह ही मुलायम और अच्छी तरह फूली हुई बन सकती हैं।
रोटी बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि आटे को सही तरीके से गूंथा जाए। आटा थोड़ा नरम होना चाहिए और गूंथने के बाद उसे लगभग 10 से 15 मिनट तक ढककर रख देना चाहिए। इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और रोटी बेलने में भी आसानी होती है।
इसके बाद तवे को इंडक्शन पर अच्छी तरह गर्म कर लें। ध्यान रखें कि तवा बहुत ठंडा या बहुत ज्यादा गर्म न हो। जब तवा सही तापमान पर आ जाए तो बेली हुई रोटी तवे पर डालें। कुछ सेकंड बाद उसे पलट दें और दूसरी तरफ हल्के भूरे निशान आने लगें तो फिर से पलट दें। कई बार रोटी खुद ही फूलने लगती है। अगर ऐसा न हो तो कपड़े या चिमटे की मदद से हल्के से दबाकर भी उसे फुलाया जा सकता है।
इंडक्शन पर रोटी बनाते समय तापमान को मध्यम स्तर पर रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है। बहुत तेज तापमान पर रोटी जल्दी जल सकती है और अंदर से ठीक से नहीं पकती। जबकि मध्यम तापमान पर तवा धीरे-धीरे गर्म होता है और रोटी अच्छी तरह पककर नरम बनती है।
आज के समय में इंडक्शन चूल्हा सिर्फ गैस का विकल्प ही नहीं बल्कि एक उपयोगी और सुविधाजनक किचन उपकरण बन चुका है। सही तकनीक अपनाकर इंडक्शन पर भी वैसी ही स्वादिष्ट और मुलायम रोटियां बनाई जा सकती हैं जैसी गैस चूल्हे पर बनती हैं।









