Jewar International Airport: जेवर एयरपोर्ट की खास बातें, जानिए यहां पर क्या-क्या है? 24 घंटे हर मौसम में उड़ानें संभव

जिसका उद्देश्य इसे नेट-जीरो उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट बनाना है। यानी यहां संचालन के दौरान पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।

Jewar International Airport: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो रहा है….लेकिन ये जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है…और इसकी बहुत सारी खासियतें भी हैं…चलिए इसमें और क्या क्या खास हैं आप भी जान लीजिए ताकि आपको सफर करते समय आसानी हो….

जेवर एयरपोर्ट की खास बातें

पहले चरण में यह एयरपोर्ट हर साल 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभाल सकेगा.
आगे के चरणों में इसे बढ़ाकर 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों तक की क्षमता वाला बनाया जाएगा.
यहां 3,900 मीटर लंबी रनवे है, जहां बड़े (वाइड‑बॉडी) विमान भी उतर सकते हैं.
एयरपोर्ट में आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं.
इन सुविधाओं की वजह से एयरपोर्ट दिन‑रात और हर मौसम में काम कर सकेगा.

इस एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसे एक सस्टेनेबल प्रोजेक्ट के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य इसे नेट-जीरो उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट बनाना है। यानी यहां संचालन के दौरान पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।

एयरपोर्ट के डिजाइन में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके आर्किटेक्चर में घाटों और पारंपरिक हवेलियों से प्रेरित शैली को शामिल किया गया है, जिससे यह आधुनिकता और परंपरा का अनोखा संगम पेश करेगा।

तकनीकी सुविधाओं की बात करें तो एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है, जो बड़े वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा इसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस एयरफील्ड लाइटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं, जिससे साल भर, किसी भी मौसम में और 24 घंटे उड़ान संचालन संभव होगा।

जेवर एयरपोर्ट के विकसित होने से न केवल हवाई यात्रा आसान होगी, बल्कि यह उत्तर भारत के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में भी उभरेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगा।

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