
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर भानु प्रकाश येतुरू ने रविवार को तिरुचिरापल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आने वाले चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना था।
बता दें, यह बैठक त्रिची जिला कलेक्टरेट में आयोजित की गई जिसमें तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक सहित त्रिची अरियालुर पेरम्बलुर पुदुक्कोट्टई नागपट्टिनम मयिलादुथुराई करूर सलेम तंजावुर और तिरुवरुर समेत 11 जिलों के वरिष्ठ चुनाव अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिनमें आईजीपी एसपी चुनाव पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक भी बैठक में मौजूद रहे।
वहीं, इस बैठक में सिविल प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके। अधिकारियों ने पोलिंग स्टेशन और काउंटिंग सेंटर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की।
डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर भानु प्रकाश येतुरू ने अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति पर भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने तैनाती व्यवस्था और समन्वय प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री केएन नेहरू ने तिरुचिरापल्ली पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में बड़ा रोड शो किया। उन्होंने घर घर जाकर जनता से संपर्क किया और DMK के चुनाव चिन्ह उगते सूरज के समर्थन की अपील की।
इस रोड शो में कांग्रेस सीपीआई सीपीएम और वीसीके जैसे गठबंधन दलों ने भी हिस्सा लिया जिससे सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस की ताकत दिखाई दी। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाया।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होने हैं जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।









