सावधान! दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलना हो सकता है जानलेवा; जानें कब मिलेगी इस भीषण लू से राहत।

देश के एक बड़े हिस्से में कुदरत का कहर ‘भीषण लू’ के रूप में बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट ने उत्तर और मध्य भारत के राज्यों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आज 26 अप्रैल और कल 27 अप्रैल के लिए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

आसमान से बरस रही है आग

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। स्थिति यह है कि अप्रैल के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। आमतौर पर ऐसी तपिश मई या जून के अंत में देखी जाती थी, लेकिन इस साल ‘क्लाइमेट चेंज’ के असर ने अप्रैल को ही भट्टी जैसा बना दिया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू (Heat Wave) की तीव्रता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है।

IMD की ‘डेडलाइन’ और दिशा-निर्देश

मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट तौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। इस दौरान अल्ट्रावॉयलेट किरणें और गर्म हवाएं सबसे ज्यादा घातक होती हैं। बिजली की बढ़ती मांग और खेती पर पड़ रहे विपरीत असर ने प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी का असामान्य स्तर देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चेतावनी

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। अचानक शरीर का तापमान बढ़ना, सिरदर्द और चक्कर आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें विशेष निगरानी में रखने की जरूरत है।

राहत की उम्मीद कब?

भीषण गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर 29 अप्रैल से मिल सकती है। IMD के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 29 और 30 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। 28 अप्रैल से 2 मई के बीच कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की भी संभावना है, जो वातावरण को थोड़ा ठंडा करेगी।

बचाव के लिए क्या करें?

  • हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
  • आहार: ओआरएस, ताजी लस्सी, नींबू पानी और मौसमी फलों का सेवन करें।
  • पहनावा: बाहर निकलते समय सूती और ढीले कपड़े पहनें, सिर को छाते या तौलिए से ढककर रखें।

मौसम की इस मार के बीच प्रशासन ने स्कूलों और कार्यस्थलों के लिए भी एडवाइजरी जारी करने की तैयारी कर ली है। जब तक मौसम का मिजाज नहीं बदलता, तब तक सावधानी ही एकमात्र बचाव है।

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