विशाखापत्तनम बनेगा भारत का AI हब, अदाणी और एयरटेल की साझेदारी, जानें इस परियोजना के बारे में…

अदाणी और एयरटेल की साझेदारी से विशाखापत्तनम को एक प्रमुख AI हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।

आंध्र प्रदेश: अदाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडानी और भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने मंगलवार को भारत के AI इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम अब भारत का डिजिटल और AI हब बनने के लिए तैयार है।

विशाखापत्तनम का भविष्य

विशाखापत्तनम में USD 15 बिलियन के गूगल AI डेटा सेंटर के शिलान्यास के बाद, जीत अदाणी ने इस शहर के विकास को लेकर अपनी उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप और एयरटेल इस परियोजना के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो भारत के AI-ड्रिवन डिजिटल भविष्य को आकार देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दे, जीत अदाणी ने कहा, “ऐसे पल आते हैं जो इतिहास का रास्ता तय करते हैं, और आज विशाखापत्तनम में ऐसा ही एक पल है। यह भारत के AI-ड्रिवन डिजिटल भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए एक कदम है।” यह प्रोजेक्ट AdaniConneX और Nxtra by Airtel के साथ साझेदारी में डेवलप किया जा रहा है, जो भारत के ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप एक गीगावाट-स्केल AI इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य रखता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा के महत्व पर बल

जीत अदाणी ने यह भी बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 1.3 गीगावाट डेटा सेंटर कैपेसिटी है, जबकि विशाखापत्तनम में अकेले 1 गीगावाट की क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI इकोसिस्टम के लिए ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि सस्ती और सुलभ ऊर्जा के बिना AI मॉडल की कम्प्यूटिंग लागत को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। इसके साथ ही, पोर्ट सिटी में अंडरसी केबल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से डिजिटल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जो AI वर्कलोड को तेजी से प्रसंस्कृत करने में मदद करेगा।

विशाखापत्तनम एक डिजिटल गेटवे

राकेश भारती मित्तल ने कहा कि विशाखापत्तनम पहले एक मैरीटाइम गेटवे था, लेकिन अब इसे एक स्मार्ट इंटेलिजेंस गेटवे के रूप में डेवलप किया जाएगा। इसके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने पॉलिसी क्लैरिटी और एग्जीक्यूशन में निरंतर उत्कृष्टता दिखाई है। मित्तल ने कहा कि मजबूत फाइबर नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विशाखापत्तनम को एक प्रमुख डिजिटल हब में बदलने के लिए आवश्यक पहलु होंगे।

उन्होंने बताया कि एयरटेल का Nxtra पूरे भारत में 120 से ज्यादा डेटा सेंटर चला रहा है और आगामी प्रोजेक्ट सस्टेनेबल रहेगा, जो रिन्यूएबल एनर्जी पर आधारित होगा। मित्तल ने कहा कि इस पहल में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट केबल लैंडिंग स्टेशन और मज़बूत इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी फाइबर नेटवर्क भी शामिल होंगे, जो इसके लचीलापन और क्षमता को बढ़ाएंगे।

भारत की AI क्षमताओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम

जीत अदाणी और राकेश मित्तल दोनों ने इस प्रोजेक्ट के महत्व को समझाते हुए कहा कि भारत की AI क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वैश्विक तकनीकी कंपनियों और घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता है। वे मानते हैं कि कम ऊर्जा लागत से AI मॉडल की कंप्यूटिंग, ट्रेनिंग और डिप्लॉयमेंट की लागत कम होगी, जिससे यह तकनीक अधिक सुलभ और स्केलेबल हो सकेगी।

आंध्र प्रदेश की नेतृत्व क्षमता पर ज़ोर देते हुए मित्तल ने कहा कि राज्य के स्पीड, पॉलिसी क्लैरिटी और एग्जीक्यूशन पर फोकस ने विशाखापत्तनम को भारत की AI महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में लाने में मदद की है।

एयरटेल की भूमिका

एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि एयरटेल की इंटीग्रेटेड क्षमताएं, जिसमें एडवांस्ड डेटा सेंटर, ग्रीन पावर, अल्ट्रा-लो लेटेंसी फाइबर नेटवर्क और नेक्स्ट-जेनरेशन केबल लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, विशाखापत्तनम में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मुमकिन बनाएंगी। वे मानते हैं कि गूगल और अदाणी के साथ उनकी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप से भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा मिलेगा।

यह प्रोजेक्ट भारत के डिजिटल और AI क्षेत्र में एक बड़ी छलांग साबित हो सकता है, और इसके जरिए विशाखापत्तनम को एक प्रमुख डिजिटल गेटवे के रूप में स्थापित किया जा सकता है। अडानी और एयरटेल की साझेदारी से भारत की AI क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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