तमिलनाडु में ‘मई क्रांति’, 6 महीने में थलापति विजय ने पलटा सियासी समीकरण

तमिलनाडु की सियासत में वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। फिल्म स्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ...

चेन्नई, 4 मई: तमिलनाडु की सियासत में वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। फिल्म स्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में 110 सीटें जीतकर दशकों से जमी द्रविड़ सियासत की जड़ों को हिला दिया।

रुझान:

  • TVK: 110 सीटें ⚡
  • AIADMK: 64 सीटें
  • DMK: 60 सीटें

खामोशी की क्रांति
ना रैलियों का शोर, ना बड़े-बड़े वादे। विजय ने सिर्फ 6 महीने पहले पार्टी बनाई और तमिल समाज ने बैलेट के जरिए ‘मई क्रांति’ की इबारत लिख दी। 50 साल बाद पहली बार DMK और AIADMK दोनों सत्ता से बाहर।

क्या बदला?

  1. द्रविड़ किलों का पतन: 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में DMK या AIADMK की सरकार नहीं बनेगी।
  2. थलापति का उदय: सिनेमा के सुपरस्टार से सियासत के ‘सुल्तान’ बने विजय। समर्थकों में जश्न, कहा- “ये जनता की जीत है, एन वाज़ी, थन वाज़ी”।
  3. युवा फैक्टर: TVK को 18-35 साल के वोटरों का एकतरफा समर्थन। महिला वोटरों ने भी खामोशी से विजय पर मुहर लगाई।

सियासी दिग्गज चारों खाने चित
DMK 60 सीटों पर सिमटी तो AIADMK 64 पर अटक गई। दोनों पार्टियों के कई कद्दावर मंत्री हार गए। चेन्नई से लेकर मदुरै तक TVK की आंधी चली।

234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 चाहिए। TVK 110 पर है। निर्दलीय और छोटे दलों के समर्थन से विजय का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। तमिलनाडु बोल रहा है: “ना भाषण, ना हंगामा… सिर्फ विश्वास। 50 साल का वनवास खत्म। अब जनता का राज।”

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