
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच देश के सबसे अमीर मंदिरों में शामिल तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति बालाजी) के प्रबंधन ने एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने मंदिर में आने वाले करोड़ों-अरबों के चढ़ावे के पारदर्शी, सुरक्षित और सटीक प्रबंधन के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) को जिम्मेदारी सौंपी है।
ICAI के अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी. के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम अगले 100 दिनों तक मंदिर की मौजूदा व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन करेगी। चढ़ावा मिलने से लेकर उसकी गिनती (पराकामनी), सुरक्षित लॉकर रखरखाव, बैंक में जमा और ऑडिट तक की पूरी प्रक्रिया का आकलन कर एक ऐसा अचूक ‘चढ़ावा प्रबंधन मॉडल’ तैयार किया जाएगा, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। गौरतलब है कि तिरुमला मंदिर को साल 2024 में ₹1,365 करोड़ का चढ़ावा मिला था और यहाँ पहले भी 900 अमेरिकी डॉलर और नकद चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। बड़े मंदिरों के इस नए डिजिटल और सुरक्षित सिस्टम की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।









