
Ram Mandir Theft Case : अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 जून) को राम मंदिर के दान की कथित चोरी की जांच की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर तुरंत सुनवाई की कोई ज़रूरत नहीं है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इतनी जल्दी क्यों। यह याचिका वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर की गई है।
राम मंदिर चंदा चोरी केस की सुनवाई कब होगी ?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि कोर्ट की छुट्टियों के बाद इसे रेगुलर बेंच फिक्सचर के तौर पर लिस्ट किया जाए। याचिका में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चंदे के कथित गबन की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में तुरंत नोटिस लेने की जरूरत नहीं है। यानी सुनवाई 12 जुलाई के बाद होगी।
सभी 8 आरोपी आज अयोध्या कोर्ट में पेश होंगे
कथित राम मंदिर चंदा गबन केस के सभी आठ आरोपियों को सोमवार को अयोध्या में एंटी-करप्शन लॉ केस स्पेशल कोर्ट के सामने ज्यूडिशियल कस्टडी की कार्रवाई के लिए पेश किया जाना है। शुक्रवार को रिमांड मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को सोमवार तक जेल भेज दिया था।
बार एसोसिएशन की मीटिंग
बता दे कि लोकल बार एसोसिएशन यह तय करने के लिए मीटिंग कर रही है कि क्या उसके वकील उनका केस लड़ेंगे। अयोध्या कोर्ट में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जांच में क्या पता चला?
हाल के हफ़्तों में, राम मंदिर के दान की कथित चोरी के मामले में काफ़ी तरक्की हुई है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान चाबियां, कैश, ज्वेलरी और फ़ाइनेंशियल डॉक्यूमेंट ज़ब्त किए हैं। पुलिस ने चंपार राय का बयान भी दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चल रही जांच के तहत करीब 140 लोगों के बयान दर्ज होने की उम्मीद है।









