
आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने एक बहुत बड़ा राजनैतिक ऐलान किया है। पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इन तीनों राज्यों में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने बलबूते पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
मायावती ने अपने इस फैसले के पीछे का तर्क देते हुए कहा कि अतीत के अनुभवों से यह साबित हुआ है कि गठबंधन करने से पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है और वोटों का हस्तांतरण सही तरीके से नहीं हो पाता। उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि चुनाव के लिए केवल साफ-सुथरी और ईमानदार छवि वाले कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया जाए।
BSP सुप्रीमों के इस कड़े रुख से यह साफ है कि पार्टी इस बार जमीनी स्तर पर अपने कैडर को मजबूत कर अकेले दम पर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। पंजाब, यूपी और उत्तराखंड में मायावती के इस फैसले के बाद से सियासी हलचल काफी तेज हो गई है।









