
देश के बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने IDBI बैंक के रणनीतिक निजीकरण (Disinvestment) पर अंतिम फैसला ले लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने 14 अक्टूबर 2026 को हुई अहम बैठक में कनाडाई दिग्गज फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सहायक कंपनी ‘कनाडा इंक’ (Canada Inc.) की बोली को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दे दी है।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ IDBI बैंक बिकेगा: कैबिनेट कमेटी ने फेयरफैक्स की कंपनी को चुना, 60.72% हिस्सेदारी के लिए ₹52,878 करोड़ की डील, ₹81 प्रति शेयर की बोली मंजूर नई दिल्ली: IDBI बैंक के रणनीतिक निजीकरण पर बड़ा फैसला हो गया है। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने 14 अक्टूबर 2026 की बैठक में Canada Inc. को IDBI बैंक का रणनीतिक खरीदार चुन लिया है। यह कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है। कितने की डील, कितना हिस्सा यह कंपनी IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसके लिए ₹52,878.08 करोड़ की रकम दी जाएगी। इस हिस्सेदारी में 30.48% भारत सरकार की है 30.24% LIC की है सौदे के बाद भी भारत सरकार के पास 15% और LIC के पास 19% हिस्सेदारी बची रहेगी। ₹81 प्रति शेयर की जीत वाली बोली सरकार के मुताबिक जीतने वाली सर्वश्रेष्ठ बोली ₹81 प्रति शेयर की रही। दो स्वतंत्र वैल्यूएशन एजेंसियों ने बैंक का फेयर वैल्यूएशन किया, जिसका औसत ₹75.99 प्रति शेयर निकला। इसी को बोलियां परखने का बेंचमार्क माना गया। #IDBIBank #BankPrivatization #FairfaxFinancial #BreakingNews @IDBI_Bank
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 14, 2026
इस ऐतिहासिक डील के तहत फेयरफैक्स की सहायक कंपनी IDBI बैंक की कुल 60.72% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। इसके लिए कंपनी कुल ₹52,878.08 करोड़ की बड़ी रकम का भुगतान करेगी। इस बेची जा रही हिस्सेदारी में 30.48% हिस्सा भारत सरकार (Union Government) का है, जबकि 30.24% हिस्सा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का शामिल है। इस बड़े सौदे और हिस्सेदारी की बिक्री के बाद भी भारत सरकार के पास बैंक की 15% और एलआईसी के पास 19% की बची हुई हिस्सेदारी बनी रहेगी।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया में सबसे ऊंची और सफल बोली ₹81 प्रति शेयर की रही। बोली के मूल्यांकन के लिए दो स्वतंत्र वैल्यूएशन एजेंसियों द्वारा बैंक का निष्पक्ष मूल्यांकन करवाया गया था, जिसका औसत मूल्य ₹75.99 प्रति शेयर निकला था। इसी मूल्यांकन को आधार मानकर बोलियों को परखा गया, जिसके बाद ₹81 प्रति शेयर की बोली को सबसे बेहतर माना गया। बैंकिंग सेक्टर में इस बड़े कदम के बाद शेयर बाजार और वित्तीय जगत में हलचल तेज हो गई है।









