
डेस्क : उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियों की ताकत और संतुलन बनाए रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। खासकर 60 वर्ष की उम्र के बाद चलने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि और हल्की एक्सरसाइज शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
अगर आप घर पर ही आसान तरीके से अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहते हैं, तो कुर्सी पर बैठकर की जाने वाली कुछ एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इन अभ्यासों को अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे करना जरूरी है।
- चेयर लेग एक्सटेंशन
कुर्सी पर पीठ सीधी रखकर बैठें। एक पैर को धीरे-धीरे सामने की ओर सीधा करें और कुछ सेकंड तक उसी स्थिति में रखें। इसके बाद पैर को वापस नीचे लाएं। यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं। यह अभ्यास जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
- सीटेड मार्चिंग
कुर्सी पर आराम से बैठकर एक-एक करके घुटनों को ऊपर उठाएं, जैसे आप बैठे-बैठे मार्च कर रहे हों। इस अभ्यास से पैरों और हिप्स की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है। शुरुआत में कम समय तक अभ्यास करें और अपनी सुविधा के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।
- इनर थाई स्क्वीज
दोनों घुटनों के बीच एक छोटा तकिया रखें। अब घुटनों से तकिये को हल्के दबाव के साथ दबाएं और कुछ सेकंड बाद छोड़ दें। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार दोहराएं। इससे जांघों के अंदरूनी हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद मिल सकती है।
- सीटेड लेग लिफ्ट
कुर्सी पर सीधे बैठें और एक पैर को आराम से ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद पैर को धीरे-धीरे नीचे लाएं। इसके बाद दूसरे पैर से यही अभ्यास करें। शुरुआत में बहुत ऊंचा पैर उठाने या ज्यादा देर तक रोकने की जरूरत नहीं है।
- हील रेज
कुर्सी पर बैठकर दोनों पैरों को जमीन पर रखें। अब एड़ियों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और पंजों को जमीन पर टिकाए रखें। कुछ सेकंड बाद एड़ियों को वापस नीचे ले आएं। यह अभ्यास पिंडलियों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद करता है।
- साइड लेग एक्सटेंशन
कुर्सी पर बैठकर एक पैर को धीरे-धीरे बगल की ओर फैलाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद पैर को वापस सामान्य स्थिति में लाएं। फिर दूसरे पैर से अभ्यास करें। इस दौरान पीठ सीधी रखें और शरीर को एक तरफ झुकाने से बचें।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें।
- सभी मूवमेंट धीरे-धीरे और नियंत्रण के साथ करें।
- शुरुआत कम समय और कम दोहराव से करें।
- जरूरत पड़ने पर मजबूत और स्थिर कुर्सी का इस्तेमाल करें।
- दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं।
यदि पहले से कोई बीमारी, चोट या चलने-फिरने में परेशानी है, तो नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।









