शशि थरूर ने धुरंधर मूवी देखने के बाद दिया रिव्यू… ? तारीफ के साथ साथ इन एंगल की जम कर की आलोचना

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इन फिल्मों की तारीफ करते हुए उन्होंने दूसरे पार्ट को पहले से बेहतर बताया। हालांकि, फिल्म में दिखाई गई अत्यधिक हिंसा और खून-खराबे पर उन्होंने सवाल भी उठाए। शशि थरूर का मानना है कि कहानी को कई परेशान करने वाले दृश्यों के बिना भी प्रभावी तरीके से पेश किया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच बेवजह कड़वाहट पैदा हो सकती है।

‘धुरंधर 2’ को बताया बेहतर, सिनेमाई अनुभव की तारीफ

शशि थरूर ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो साझा कर ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट पर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्म के मनोरंजन पक्ष और बड़े स्तर पर किए गए प्रोडक्शन की तारीफ की। उनके मुताबिक, फिक्शन और मनोरंजन के नजरिए से दूसरा पार्ट बेहतरीन है और इसे देखने पर बड़े पैमाने पर तैयार की गई फिल्म का अनुभव होता है।

थरूर ने कहा कि दोनों फिल्मों को देखने के बाद दर्शकों को एक बड़ा सिनेमाई अनुभव मिलता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म की तकनीकी और मनोरंजन संबंधी खूबियों के बावजूद इसकी कुछ चीजों से उन्हें परेशानी हुई।

फिल्म में अत्यधिक हिंसा दिखाने पर उठाए सवाल

शशि थरूर ने ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट में दिखाई गई हिंसा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं, जिन्हें उनकी राय में कहानी के लिए जरूरी नहीं था। उनके मुताबिक, इतनी अधिक हिंसा, खून-खराबे और क्रूरता को दिखाए बिना भी कहानी को प्रभावी बनाया जा सकता था।

उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को जरूरत से ज्यादा हिंसक बताते हुए कहा कि मनोरंजन के नाम पर इस हद तक हिंसा दिखाने की आवश्यकता नहीं थी। उनकी आलोचना मुख्य रूप से फिल्म में हिंसा को प्रस्तुत करने के तरीके पर केंद्रित रही।

भारत-पाकिस्तान के बीच कड़वाहट बढ़ने की जताई आशंका

शशि थरूर ने फिल्म को लेकर पाकिस्तान और खाड़ी देशों में प्रतिबंध लगाए जाने की खबरों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि फिल्म को पाकिस्तान के अलावा कई खाड़ी देशों में भी प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, इन प्रतिबंधों से जुड़ी रिपोर्टों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

थरूर ने कहा कि फिल्म में प्रोपेगैंडा का पहलू भी दिखाई देता है और इससे भारतीयों तथा पाकिस्तानियों के बीच बेवजह कड़वाहट पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की प्रतिक्रिया के पीछे की भावनाओं को समझ सकते हैं।

पाकिस्तानी दर्शकों की प्रतिक्रिया पर भी की टिप्पणी

शशि थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि फिल्म देखने के बाद पाकिस्तानी दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी। उनके अनुसार, फिल्म के कुछ संवादों पर दर्शक हंस सकते हैं, जबकि कुछ दृश्यों को देखकर उन्हें लग सकता है कि फिल्म में उनके देश को गलत तरीके से दिखाया गया है।

उनकी यह टिप्पणी फिल्म की कहानी और उसके राजनीतिक-सामाजिक प्रभाव को लेकर उनकी चिंताओं को सामने लाती है।

आलोचना के बावजूद फिल्म के प्रोडक्शन की तारीफ

शशि थरूर ने फिल्म की आलोचना करने के साथ-साथ इसके बड़े स्तर पर किए गए निर्माण और सिनेमाई प्रस्तुति की भी सराहना की। उन्होंने माना कि दोनों पार्ट मिलकर दर्शकों को एक व्यापक सिनेमाई अनुभव देते हैं।

इस तरह, थरूर की प्रतिक्रिया में फिल्म की मनोरंजन संबंधी खूबियों की तारीफ और अत्यधिक हिंसा तथा भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता, दोनों पहलू सामने आए।

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