‘छल्लड़े छल्लड़े वाल’ गाने ने मचाई धूम, पाकिस्तान से भारत तक वायरल हुई आवाज, 1 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियां चन्नू की रहने वाली गायिका शांज़े को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि उनका गाया एक गाना पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि भारत और दूसरे देशों में भी लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हो जाएगा।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियां चन्नू की रहने वाली गायिका शांज़े को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि उनका गाया एक गाना पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि भारत और दूसरे देशों में भी लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हो जाएगा। ‘छल्लड़े छल्लड़े वाल’ गाने के नए वर्जन ने सोशल मीडिया पर ऐसी धूम मचाई कि इसे अब तक एक करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। गाने पर हजारों रील्स बनाई गईं और भारत-पाकिस्तान के संगीत प्रेमियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय लाखों लोगों ने इसे साझा किया।

पुराने गाने के नए वर्जन ने बटोरी लोकप्रियता

‘छल्लड़े छल्लड़े वाल’ गाने को शांज़े ने गायक मोहसिन लशारी के साथ मिलकर नए अंदाज में पेश किया। यह एक पुराने गाने का नया वर्जन है, जिसे सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। इंस्टाग्राम पर अपलोड होने के बाद इस गाने को लगातार दर्शक मिले और देखते ही देखते इसके वीडियो पर एक करोड़ से ज्यादा व्यूज हो गए।

गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर हजारों रील्स बनाई गईं। भारत और पाकिस्तान के संगीत से जुड़े चर्चित लोगों के साथ-साथ आम सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसे साझा किया। इसके बाद गाने के कई नए वर्जन और प्रस्तुतियां सामने आने लगीं।

पहले भी कई कलाकार गा चुके हैं यह गाना

‘छल्लड़े छल्लड़े वाल’ का मूल गाना पहले भी कई कलाकारों की आवाज में सुनने को मिल चुका है। इनमें शफाउल्लाह खान रोखड़ी का नाम भी शामिल है, जिनका जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियांवाली में हुआ था। पुराने गाने को नए अंदाज में पेश किए जाने के बाद एक बार फिर यह लोगों के बीच चर्चा में आ गया है।

बचपन से था गायकी का शौक

एक इंटरव्यू में शांज़े ने बताया कि उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था। लोग अक्सर उनकी आवाज को अलग और खास बताते थे। हालांकि, उस समय वह गायकी को अपने शौक के तौर पर ही देखती थीं।

शांज़े के मुताबिक, विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के बाद गायकी से उनका जुड़ाव कम होने लगा। इसकी एक वजह यह भी थी कि उन्हें कई बार हतोत्साहित किया गया। लोगों का कहना था कि उनकी आवाज अच्छी है, लेकिन उन्हें सुर-ताल और लय की सही समझ नहीं है। उनसे यह भी कहा जाता था कि वह संगीत की लय के साथ गाने में सहज नहीं हैं।

आलोचनाओं के बीच गाने को मिली नई पहचान

शांज़े की कहानी बताती है कि किसी कलाकार की प्रतिभा को लेकर शुरुआती प्रतिक्रियाएं हमेशा उसके भविष्य का फैसला नहीं करतीं। जिस गायकी को लेकर उन्हें कभी हतोत्साहित किया गया था, उसी आवाज में गाए गए ‘छल्लड़े छल्लड़े वाल’ के नए वर्जन को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

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