
रविवार को यूपी के फतेहपुर से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया. दरअसल, मामला पशुधन विभाग से सम्बंधित है. यूपी समेत देश के कई दूसरे राज्यों में एक तरफ पशुओं के लिए चारे की कमी देखने को मिल रहीं हैं तो वहीं यूपी में अफसर अपने कारनामों से पशुओं के चारे में भी भ्रस्टाचार करने से बांज नहीं आ रहे है.
ताजा मामला फतेहपुर की डीएम अपूर्वा दुबे को लेकर सामने आया है. यूपी के अधिकांश गौशालाओं में गाय भूखी हैं लेकिन डीएम साहिबा ने अपनी गाय के लिए स्पेशल भूसे और स्पेशल चारे का प्रबंध कर रखा है. उनकी गाय की देखभाल के लिए 7 डॉक्टर सुबह-शाम तैनात रहते हैं. डीएम साहिबा की गाय की सेवा में तैनात 7 सरकारी डॉक्टरों को सुबह-शाम अपने कामों की रिपोर्ट भी सौंपनी होती है.
दरअसल, फतेहपुर डीएम साहिबा का यह कारनामा तब उजागर हुआ जब रविवार को मुख्य पशु चिकित्सक का एक पत्र मीडिया में वायरल होने लगा. यह पत्र पशुधन विभाग के कुछ पशु चिकित्सकों के ड्यूटी को लेकर था जिसमें मुख्य पशु चिकित्सक फतेहपुर डॉ एस के तिवारी ने 7 चिकित्सकों को केवल डीएम साहिबा अपूर्वा दुबे की गाय की सेवा में सुबह शाम तैनात किया था.
गौरतलब हो कि अभी हाल ही में दिल्ली में एक आईएएस दंपत्ति द्वारा पार्क में कुत्ता टहलाने वाला मामला बहुचर्चित हुआ था, लेकिन अब यूपी में भी प्रशासनिक अफसरों के ऐसे कारनामे उजागर हो रहे हैं. बहरहाल, फतेहपुर की डीएम अपूर्वा दुबे मुख्य पशु चिकित्सक के वायरल हो रहे पत्र को लेकर सवालों के घेरे में है. अब देखना होगा कि प्रशासन का ऐसे अफसरों के प्रति क्या रवैया रहता है.









