
शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने को लेकर अपना रवैया दोहराया.
वहीं समरकंद में संघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के इतर अपनी बैठक के बाद, दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग और अन्य प्रमुख क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों के कई पहलुओं की समीक्षा की थी. पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को भारत में चल रही G-20 अध्यक्षता के बारे में भी जानकारी दी और इसकी प्रमुख प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला.
उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की भारत की अध्यक्षता के दौरान दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद भी जताई. दोनों नेता एक-दूसरे के नियमित संपर्क में रहने पर भी सहमत हुए.
फरवरी में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से पीएम मोदी ने नियमित रूप से पुतिन से बात की है. प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से युद्ध की निंदा किए बिना, हमेशा रुस से बातचीत और शांति वार्ता की मांग की है. इसके साथ ही भारत ने बुचा नरसंहार की अंतर्राष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है और साथ ही रूसी नेताओं द्वारा जारी परमाणु खतरों पर चिंता भी व्यक्त की है.









