
रिपोर्ट-जीशान मलिक
इंजिनियर की नौकरी छोड़ किसान ने आर्गेनिक गुड़ का यूनिट लगाकर बिना किसी केमिकल्स के गुड बना रहे है। यह आर्गेनिक गुड़ प्रदेश तो क्या विदेशो तक में भी अपनी मिठास बिखेर रहा है। दरअसल रूडकी मे झबरेडा के गांव साबतवाली निवासी कटार सिंह ने 1990 में इंजीनियरिंग की पढाई की थी, लेकिन कुछ दिन बाद उन्होने नौकरी करने के बाद छोड दी।
किसान परिवार का होने के कारण आर्गेनिक गुड का यूनिट लगाया तथा ऑर्गेनिक गुड बनाना शुरू किया। इस गुड की खास बात यह है कि इस गुड में किसी भी प्रकार का कोई केमिकल नहीं लगाया जाता है। गुड़ की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान रखा जाता है बड़ी बात यह है कि जिस गन्ने से यह गुड़ बनाया जाता है उस गन्ने के खेत में भी किसी प्रकार का कोई दवाई का छिड़काव या कोई केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता है।
कटार सिंह ने बताया कि 500 किसानों की 500 हेक्टेयर भूमि में ही ईख की फसल उगाई जाती है। जिसका गन्ना यहां पर लाया जाता है और ऑर्गेनिक गुड तैयार किया जाता है। यूनिट में इस वक्त भी सौ लोग काम करते हैं इस तरह से किसान ने यह यूनिट लगाकर बेरोजगार युवको को रोजगार देने का काम भी किया है। यह यूनिट सन 2008 से लगातार चल रहा है और इसके बाद उन्होंने एक यूनिट ओर लगाई है।









