पुलिस की ‘तीसरी आंख’ में तिनका, कैसे लगेगा अपराधों पर अंकुश? 3 कैमरों के भरोसे शहर की कानून व्यवस्था

इन कैमरों के लगने के बाद जहां एक ओर जनता ने राहत की सांस ली थी। तो वही पुलिस को भी हत्या लूट चोरी जैसी घटनाओं का अनावरण करने में काफी मदद मिली थी। इन कैमरों की मदद से पुलिस ने कई बड़ी घटनाओं का खुलासा भी किया था।

रिपोर्ट-अमित बेलवाल

रामनगर की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के साथ ही अपराधियों पर नकेल कसने के मकसद से स्थानीय विधायक द्वारा करीब 5 वर्ष पूर्व विधायक निधि से रामनगर पुलिस को लाखों रुपए की लागत से 28 सीसीटीवी कैमरे दिए गए थे, इसके अलावा सांसद निधि से 24 कैमरे दिए गए थे, जिसके बाद रामनगर शहर के कई इलाके पूरी तरह 52 सीसीटीवी कैमरे में कैद थे।

इन कैमरों के लगने के बाद जहां एक ओर जनता ने राहत की सांस ली थी। तो वही पुलिस को भी हत्या लूट चोरी जैसी घटनाओं का अनावरण करने में काफी मदद मिली थी। इन कैमरों की मदद से पुलिस ने कई बड़ी घटनाओं का खुलासा भी किया था। लेकिन सितंबर माह में आकाशीय बिजली गिरने के बाद 52 केमरों में से 49 कैमरे पूरी तरह चौपट हो गए है तथा मात्र 3 कैमरों के भरोसे शहर की कानून व्यवस्था चल रही है,तो वही कैमरे बंद होने के बाद से चोरी के अलावा कई अन्य घटनाएं भी लगातार बढ़ रही है। जिसके लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है और चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

मामले में क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि कैमरे बंद होना गंभीर बात है साथ ही उन्होंने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए यह कैमरे पुलिस को दिए गए थे। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अभी रामनगर व कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में और कैमरे लगाने के लिए सात लाख रुपए से अधिक की धनराशि विधायक निधि से और दी गई है, जिसमें दो लाख से अधिक की रकम खराब कैमरों की मरम्मत में लगाई जाएगी, वही मामले में कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि विधायक निधि से प्राप्त धनराशि मिलने के तुरंत बाद यह कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

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