
झारखण्ड में चल रहा जैन समुदाय का आंदोलन लगातार तूल पकड़ता जा रहा हैं। इस मामले में 17 जनवरी को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सुनवाई करेगा। ‘श्री सम्मेद शिखरजी’ को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने के मामले में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जैन अनुयायियों के पक्ष अब अखिलेश यादव व डिंपल यादव ने अपना मत रखा हैं।
बृहस्पतिवार को मैनपुरी की सांसद व अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, शांतिप्रिय जैन समाज का अपने पावन शाश्वत तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी को भाजपा सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के विरोध में सड़कों पर आना एवं शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध-प्रदर्शन करने पर भाजपा सरकार द्वारा उन पर एफ़आइआर करना अन्याय है।
आगे एक और ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा ” जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज का अपने तीर्थ को बचाने के लिए प्राण दे देना अत्यंत दुखदायी है। भारतीय जनता पार्टी जैन तीर्थों की पवित्रता भंग न करे। हम जैन समाज की मांग के साथ हैं।”
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जैनमुनि सुज्ञेय सागर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि “शाश्वत जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाए जाने के विरोध में जैन मुनि सुज्ञेयसागर जी ने प्राण त्याग दिए। भावपूर्ण श्रद्धांजलि! जैन तीर्थों की शुचिता की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। भाजपा सरकार की हृदयहीनता से समस्त विश्व में भारत की पंथ निरपेक्ष छवि खंडित हुई है।”









