रामचरितमानस विवाद पर सपा के बाद सुभासपा ने लगाया पोस्टर, बताया “ताड़ना” का सही अर्थ !

रामचरितमानस को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा एक तरफ स्वामी प्रसाद मौर्या हैं जिन्होंने यहविवादित बयान दिया वहीं दूसरी तरफ...

रामचरितमानस को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा एक तरफ स्वामी प्रसाद मौर्या हैं जिन्होंने यहविवादित बयान दिया वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के अन्य नेता समाजवादी पार्टी पर तंज कर रहे हैं। बुधवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेताओं की तरफ से लखनऊ में कई पोस्टर लगवाए गए। जिसमें कुछ लोगों को अज्ञानी सांकेतिक किया गया हैं।

सुभासपा के द्वारा लगाए गए पोस्टर में रामचरित मानस की उस पंक्ति को लिखा गया हैं जिसको लेकर स्वामी प्रसाद हंगामा कर रहे हैं। जिसे हटाने की मांग की जा रही हैं। इन पंक्तियों को लेकर समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के द्वारा विवादित बयान दिया जा रहा हैं। इससे पहले सपा कार्यालय के बाहर भी इन पंक्तियों के विरोध में पोस्टर लगाए गए थे। इसके बाद इस पोस्टर बाजी के बीच सुभासपा ने भी पोस्टर लगवाए हैं।

सुभासपा के पोस्टरों की शुरुआत अज्ञानी ध्यान दें की साथ की गई। जिसमें नीचे लिखा गया ताड़ना का अर्थ देखभाल करना व शिक्षा देना होता हैं। जिसके बाद रामचरितमानस की उस पंक्ति को अर्थ के साथ लिखा गया हैं। साथ ही बड़े बड़े अक्षरों में ताड़ना शब्द के अर्थ को लिखा गया हैं। पंक्ति कुछ इस प्रकार है कि

प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्ही । मरजाता पुनि तुम्हारी किन्ही।।
ढोल गवांर सूद्र पसु नारी । सकल ताड़ना के अधिकारी।।

इसका अर्थ बताते हुए लिखा हैं कि प्रभु ने अच्छा किया जो मुझे शिक्षा दी किंतु मर्यादा (जीवो का स्वभाव) कि आपकी ही बनाई हुई है। ढोल, गवार, शुद्र, पशु , और स्त्री वे सब शिक्षा के अधिकारी हैं।

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