कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन से सभी स्तब्ध, कुछ ऐसा था राजनैतिक कैरियर

2007 में भाजपा का दामन थाम लिया। तब से अभी तक लगातार चार बार विधायक बन चुके हैं।

बागेश्वर विधानसभा सीट से विधायक चंदन राम दास का जन्म 10 अगस्त 1957 में हुआ। उनके पिता का नाम स्व0 रतन राम है। उन्होंने एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से स्नातक किया था। चंदन राम दास 1997 में निर्दलीय नगर पालिकाध्यक्ष बागेश्वर निर्वाचित हुए। उसके बाद वे कांग्रेस के साथ जुड़े मगर 2006 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।

साल 2007 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार बागेश्वर विधानसभा सीट से विजयी हुए, फिर 2012 में दुबारा विधायक बने , 2017 में तीसरी जीत हासिल करते हुए हैट्रिक भी मार दी, 2022 में चौथी बार चंदन राम दास बागेश्वर विधानसभा से विजयी हुए और कैबिनेट मंत्री बने। राजनैतिक तौर पर चंदन राम काफी सक्रिय रहते थे। जिसके चलते क्षेत्र व प्रदेश में अच्छी खासी पकड़ उन्होंने बनाई थी।

जनता के काम के लिए व सहयोग के लिए चंदन राम दास हमेसा तत्पर रहते थे। चंदन राम दास का राजनीतिक उभार 1997 में हुआ जब वे कांग्रेस में थे मगर कांग्रेस ने टिकट नही दिया तो वे निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत भी हासिल की। इसके बाद 2007 में भाजपा का दामन थाम लिया। तब से अभी तक लगातार चार बार विधायक बन चुके हैं। चन्दन राम दास कि कार्य कुशलता को देखते हुए, उत्तराखंड सरकार में एक साल तक कैबिनेट मंत्री के रुप में कार्य करते हुये, चन्दन राम दास ने अपने गृह जनपद बागेश्वर में ही अन्तिम सांस ली।

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