
वाराणसी में गंगा पार रेती पर बसी टेंट सिटी में डेढ़ महीने और रुक सकेंगे पर्यटक. इसे जून के पहले सप्ताह तक हटाने की योजना कि गई हैं. क्योंकि गंगा का जलस्तर जैसे ही बढ़ेगा, वैसे बिजली निगम तार हटाएगा और नगर निगम सफाई की व्यवस्थ सुनिश्चित करेगा.
वैसे तो सितंबर2023 से फिर से टेंट सिटी बसाने की तैयारी हैं. सभी विभाग अपने संसाधन को सुरक्षित करने के लिए योजना के अनुसार काम करेंगे. दरअसल, बारिश व गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले टेंट सिटी बसाने वाली दोनों कंपनियों ने अपने संसाधनों को सुरक्षित करने की तैयारी कर ली है.
विकास प्राधिकरण ने पांच साल तक टेंट सिटी बसाने की जिम्मेदारी सौंपी है. दुनिया भर के पर्यटकों को लुभाने वाली महादेव कि नगरी कही जाने वाली वाराणसी के गंगा किनारे बसी टेंट सिटी को देखने के लिए अधिवक्ताओं का एक दल रविवार को वाराणसी पहुंचा. उनका दावा है कि टेंट सिटी के पास कचरे का ढेर पड़ा है. इसे बसाने के लिए जल शक्ति मंत्रालय और नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है.
पांच सदस्यीय दल के साथ आए एडवोकेट विजय चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि टेंट सिटी सात एकड़ में बसी है. इसके लिए अहमदाबाद की कंपनी से करार हुआ है. निरीक्षण में कमियां मिली हैं. इसके फोटोग्राफ लिए गए हैं. पूरी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी. मामले की सुनवाई दो मई को हो सकती है.









