
लखनऊ; नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्ष प्रधानमंत्री पर हमलावर है. विपक्ष के नेताओं का कहना है कि नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजाए राष्ट्रपति से कराया जाए. इसी मामले को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नए संसद भवन की जरूरत है, इसको कोई अस्वीकार नहीं कर जा सकता.
लेकिन इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा नहीं होना चाहिए. क्योंकि यह शक्ति के पृथक्करण के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है. उन्होंने मांग की उद्घाटन लोकसभा स्पीकर को करना चाहिए क्योंकि वह संसद के अभिरक्षक हैं. ओवैसी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं की आप पीछे हट जाइए और स्पीकर ओम बिड़ला को उद्घाटन करने दें. अगर प्रधानमंत्री ऐसा करेंगे तो हम कार्यक्रम में जरूर जाएंगे.
नए संसद भवन की जरूरत है इसको कोई अस्वीकार नहीं कर सकता लेकिन इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा नहीं होना चाहिए क्योंकि यह शक्ति के पृथक्करण के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है… विपक्षी दलों ने हमारी पार्टी से संपर्क नहीं किया है… उद्घाटन लोकसभा स्पीकर को करना चाहिए क्योंकि वह संसद के… pic.twitter.com/dWuIgk21Ch
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 24, 2023
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि नई संसद के उद्घाटन में देश की राष्ट्रपति को नहीं आमंत्रित करना, ये आदिवासी समाज, दलित समाज, पिछड़े समाज का अपमान है, और ये प्रदर्शित करता है कि बीजेपी की मानसिकता आदिवासी, दलित और पिछड़ा विरोधी है. वरना संसद के उद्घाटन में अगर आप राष्ट्रपति को ही नहीं बुला रहे हैं तो फिर आप क्या संदेश देना चाहते हैं? AAP पार्टी इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी और हम लोग इस कार्यक्रम में नहीं जाएंगे.
#WATCH नई संसद के उद्घाटन में देश की राष्ट्रपति को नहीं आमंत्रित करना..ये आदिवासी समाज, दलित समाज, पिछड़े समाज का अपमान है और ये प्रदर्शित करता है कि बीजेपी की मानसिकता आदिवासी, दलित और पिछड़ा विरोधी है, वरना संसद के उद्घाटन में अगर आप राष्ट्रपति को ही नहीं बुला रहे हैं तो फिर… pic.twitter.com/adUUQW8aGz
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छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कहा कि संसद भवन ब्रिटिश कार्यकाल के पहले बना था और राष्ट्रपति भवन ब्रिटिश काल में बना हुआ है. तो उसका उद्घाटन इंदिरा गांधी जी कैसी करतीं? उसके एक हिस्से का कोई करे तो अलग बात है. लेकिन पूरे संसद का उद्घाटन करना अलग बात है. पहले जो बना था उसे नया बनाया गया है तो हमारी मांग थी कि उसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्वारा किया जाना चाहिए.
#WATCH संसद भवन ब्रिटिश कार्यकाल के पहले बना था और राष्ट्रपति भवन ब्रिटिश काल में बना हुआ है तो उसका उद्घाटन इंदिरा गांधी जी कैसी करती? उसके एक हिस्से का कोई करे तो अलग बात है लेकिन पूरे संसद का उद्घाटन करना अलग बात है। पहले जो बना था उसे नया बनाया गया है तो हमारी मांग थी कि उसका… pic.twitter.com/ExUFIXjR7H
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