
लखनऊ; मधुमिता हत्याकांड मामले में सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी की रिहाई का आदेश सरकार ने जारी किया है. मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण सुर्खियों में है. रिहाई के आदेश जारी होने पर कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अच्छे आचरण के कैदियों की रिहाई होती है. जेल नियमावली के तहत ऐसे कैदियों की रिहाई समय-समय पर होती रहती है. इसी नियम के तहत अमरमणि की रिहाई का फैसला लिया गया है.
कवित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी पिछले कई वर्षों से जेल की सजा काट रहे हैं. लेकिन अच्छे आचरण के चलते शासन ने दोनों को रिहा करने का आदेश जारी किया है. राज्यपाल की अनुमति पर कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने इसका आदेश जारी किया है.
बता दें कि करीब 20 वर्ष पहले राजधानी की पेपरमिल कॉलोनी में रहने वाली कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में सीबीआई ने जांच की थी. सीबीआई ने अपनी जांच में अमरमणि और मधुमणि को दोषी करार देते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. बाद में इस मामले का मुकदमा देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया था. दोनों जेल में बीते 20 वर्ष एक माह और 19 दिन से थे. जेल में बिताई गई सजा की अवधि और अच्छे जेल आचरण के दृष्टिगत बाकी बची हुई सजा को माफ कर दिया गया है.
लेकिन, अमरमणि की सजा माफ किए जाने पर मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने कड़ा विरोध जताया है. बहन का कहना है कि अमरमणि बहुत बड़ा अपराधी है. जिसने सजा नहीं काटी उसकी रिहाई क्यों की जा रही है. निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में राज्यपाल को गुमराह किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 12 साल से अमरमणि जेल नहीं गया है. इलाज के नाम पर अमरमणि ने सजा अस्पताल में काटी है.








