UP में स्पेशल बच्चों के लिए खोले जाएंगे 3 नए स्पोर्ट्स सेंटर, जिला स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का भी होगा आयोजन

मुकेश शुक्ला ने आगामी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने तेजी से चलने वाले मेंबरशिप ड्राइव, स्पेशल बच्चों का उपयोगी स्टेशन सहित अनेक कार्यक्रमों की आगामी 1 वर्षों के लिए कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला.

लखनऊ– ‘स्पेशल ओलंपिक भारत- उत्तर प्रदेश’ के चुनाव के बाद नवनियुक्त टीम के अध्यक्ष मुकेश शुक्ला चुने गये. मुकेश शुक्ला 18 वर्षों से अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सक्रिय भूमिका निभा चुके है. उपाध्यक्ष के रूप में सरस्वती नंदा, महासचिव संजीव, ट्रेजरर जितेंद्र सिंह, स्पोर्ट्स डायरेक्टर के रूप में पराग अग्रवाल चयनित किए गए हैं.

पेरेंट्स कैटेगरी में पेरेंट्स रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अभिषेक चतुर्वेदी, डिसेबिलिटी एक्सपर्ट के रूप में जितेंद्र मिश्रा, फाइनेंस केटेगरी व बिजनेस एक्सपर्ट के रूप में ललित जायसवाल को चुना गया है. यह टीम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में स्पेशल ओलंपिक को आगे बढ़ाने का काम करेगी.

स्पेशल ओलंपिक भारत समिति के चुनाव के इस प्रक्रिया के पश्चात स्पेशल ओलंपिक भारत उत्तर प्रदेश ने एक वार्षिक जनरल मीटिंग का आयोजन किया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में यूपी के सामाजिक न्याय मंत्री असीम अरुण ने हिस्सा लिया. उन्होंने स्पेशल ओलंपिक के कार्यक्रमों की प्रोसाहित करने पर बल दिया और स्पेशल ओलंपिक के कार्य को पूरा समर्थन करने का विश्वास दिलाया.

संस्था के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश शुक्ला ने पूर्व के प्रतिनिधियों के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि हाल ही में जर्मनी के बर्लिन में हुए स्पेशल ओलंपिक के आयोजन में भारत के 199 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और उसमें 200 मेडल जीते. हम पूरी दुनिया में दूसरे स्थान पर रहे इसके लिए ‘स्पेशल ओलंपिक भारत’ अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता है.

मुकेश शुक्ला ने आगामी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने तेजी से चलने वाले मेंबरशिप ड्राइव, स्पेशल बच्चों का उपयोगी स्टेशन सहित अनेक कार्यक्रमों की आगामी 1 वर्षों के लिए कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला.

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी योजनाओं में पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय इकाई बनाई जाएंगी, जो स्पेशल बच्चों और उनके विकास के लिए कार्य करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल बच्चों के लिए समर्पित एक निशुल्क हेल्पलाइन नंबर प्रदेश में आरंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से इन बच्चों को प्रॉपर गाइडेंस, उनकी देखभाल व उनके लिए उपलब्ध सुविधा या व्यवस्थाओं के संदर्भ में उनके पेरेंट्स को जानकारियां उपलब्ध होंगी.

इसके लिए उन्होंने एक पैनल बनाकर सभी तक सूचना व समाधान पहुंचाने का कार्य किये जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने आगे कहा इसी के अंतर्गत आने वाले समय में हेल्थ कैंप लगाई जाएगी, जिससे इन सभी बच्चों और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य का अच्छी तरह से जांच हो.

बता दें कि समिति द्वारा उत्तर प्रदेश में स्पेशल बच्चों के खेल हेतु स्पोर्ट्स सेंटर विकसित हो इसका लक्ष्य रखा गया है. साथ ही यूपी में स्पेशल बच्चों के खेल के लिए डेडीकेटेड कम से कम 3 नए स्पोर्ट्स सेंटर खोलने का भी लक्ष्य रखा गया है. समिति ने यह भी लक्ष्य रखा है कि उत्तर प्रदेश के सभी जिले में कम से कम 100 डेडीकेटेड सदस्य जो स्वयंसेवी के रूप में कार्य करें उन्हें जोड़कर एक सशक्त और सघन संगठन खड़ा करने का कार्य किया जाएगा.

आगामी 3 महीने में उत्तर प्रदेश के सभी बड़े कमिश्नरेट में जिला स्तर के खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है. उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चों का UDID रजिस्ट्रेशन हो इसका लक्ष्य भी रखा गया है. इस तरह संस्था ने आगामी कार्यों के संदर्भ में अनेक लक्ष्य रखे हैं व अनेक विषयों पर कार्य का निर्धारण किए हैं.

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