गाज़ा में स्तिथ संत पोर्फिरियस के सबसे पुराने चर्च को इजरायली मिसाइलों ने चंद लम्हों में ढेर कर दिया है

पिछले कुछ समय से हो रहे इजराइल और ग़ज़ा के युद्ध में अब तक लगभग 4000 से भी ज़्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वही इतने हमलो के बीच इजराइल ने हमास में स्तिथ एक हॉस्पिटल पर भी मंगलवार को हमला हुआ जिसमे कई मासूमों ने जान गवा दी है। इस सारे कोहराम के बीच आज एक और हमला हुआ जिसमे गाज़ा का सबसे पुराना चर्च था , आज से 1600 साल पुराने इस चर्च को मिसाइल ने चंद मिनिटों में ढेर कर दिया

Desk : पिछले कुछ समय से हो रहे इजराइल और ग़ज़ा के युद्ध में अब तक लगभग 4000 से भी ज़्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वही इतने हमलो के बीच इजराइल ने हमास में स्तिथ एक हॉस्पिटल पर भी मंगलवार को हमला हुआ जिसमे कई मासूमों ने जान गवा दी है। इस सारे कोहराम के बीच आज एक और हमला हुआ जिसमे गाज़ा का सबसे पुराना चर्च था , आज से 1600 साल पुराने इस चर्च को मिसाइल ने चंद मिनिटों में ढेर कर दिया.

गाज़ा के मंत्रालय ने अपनी बात रखते हुए इस हमले को एक वॉर क्राइम कहा और करीबन सेंकडो लोगो की मृत्यु और कई लोग के घायल होने का पुष्टिकरण किया। चर्च में बोला जा रहा है की बहुत से लोगो ने शरण लिया था ,जिसमे से कई लोग फ़िलिस्तीनी ईसाई और इस्लाम धरम के थे जो देर रात हुए इस हमले से मौत के इस खेल की चपेट में आ गए.

गाज़ा का ये ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च 1600 साल पहले प्रतिष्ठित किया गया था, और इसका नाम 5वीं सदी के संत के नाम पर रखा गया जिनका नाम संत पोर्फिरियस , जिन्होंने गाज़ा को ईसाई धर्म की राह पर चलना सिखाया था.

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