
विधि आयोग ने मौजूदा जमानत कानून में संशोधन की सिफारिश की है। सिफारिश में कहा गया है कि अपराधियों पर उनके द्वारा पहुंचाई गई सार्वजनिक या निजी संपत्तियों के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
इस सिफारिश का मुख्य मकसद सार्वजनिक स्थलों पर बार बार नाकेबंदी को रोकना और ऐसे कार्यों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संगठन पर नुकसान हुए संपत्तियों के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाना है। इस तरह के कानून आने से ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगेगा।
विधि आयोग ने कहा कि, जुर्माने में नुकसान पहुंचाई गई सार्वजनिक या निजी संपत्ति के बाजार मूल्य के बराबर राशि शामिल होगी। जहां पर क्षतिग्रस्त संपत्ति के मूल्य को रुपए के रूप में नहीं आंका जा सकता, ऐसे मामलों में तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट द्वारा तय किया जाएगा।









