प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बनेंगे “प्राथमिक चिकित्सक”, स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देंगे

कई बार ऐसे हालात होते हैं कि अचानक घटी घटना के बाद इलाज में देरी की वजह से अधिक खून बह जाने के कारण मरीज की मौत हो जाती है, उस समय इसका महत्व बहुत होता है।

शिक्षक ही समाज की आधारशिला होते है, वो ही अपने विद्यार्थी का जीवन गढ़ते हैं और समाज को नई दिशा दिखाते हैं। ऐसे में योगी सरकार उन्हें प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दे कर  प्राथमिक चिकित्सक बनाने जा रही है। इसके तहत राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से सोमवार को करीब 50 लखनऊ शिक्षकों के ग्रुप को मेदांता हॉस्पिटल के स्वास्थ विशेषज्ञों द्वारा फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में उन्हें हादसों से बचाव के तरीके, फर्स्ट एड से संबंधित सभी तकनीकी शिक्षा, जानवरों के काटने पर प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर व अन्य प्रकार की मेडिकल तकनीकियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिक्षक रखेंगे स्वस्थ समाज की आधारशिला

राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित जानकारी दी जाएगी, जो भविष्य में आपदा पड़ने पर बचाव हेतु तो काम आएंगे, साथ ही यह जानकारी बच्चों में भी दिए जाने से आने वाली पीढ़ी को जागरूक किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा की समाज का निर्माण करते हैं। ऐसे में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के जरिए जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। इससे जनहानि को काम किया जा सकेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। इसकी सफलता के बाद अन्य जिलों में भी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को जानकारी दी जाएगी।

फर्स्ट एड का महत्व

-कई बार ऐसे हालात होते हैं कि अचानक घटी घटना के बाद इलाज में देरी की वजह से अधिक खून बह जाने के कारण मरीज की मौत हो जाती है, उस समय इसका महत्व बहुत होता है।

-दिल के दौरे पड़ने पर यह मरीज की जान बचा सकता है, यदि आप इससे पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं तो पीड़ित व्यक्ति के दर्द का आकलन कर उसे राहत दे सकते हैं, इस प्रकार के कई समस्याओं के समय प्राथमिक चिकित्सा महत्वपूर्ण योगदान निभाती है।

-प्राथमिक उपचार से पीड़ित के ठीक होने में लगने वाला समय कम हो जाता है। यदि जिस भी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित जानकारी है, तो वह अधिक रक्त बहाने से रोक सकता है और व्यक्ति अधिक गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच पता उसकी रिकवरी भी जल्द हो पाती है।

-प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध होने पर मरीज की स्थिति और नहीं बिगड़ती जिस कारण बाद में होने वाला इलाज का खर्च भी काम हो जाता है। यदि मरीज की स्थिति ज्यादा बिगड़ती है, तब उसके इलाज में भी अधिक समय लगता है और उसके इलाज का खर्च भी अधिक होता है। इसलिए प्राथमिक चिकित्सा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ एक सुरक्षित समाज के लिए भी बहुत जरूरी है।

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