‘धीमा जहर’ या ‘हार्ट अटैक’? अब विसरा जांच से खुलेगा माफिया मुख्तार की मौत का राज!

मुख्तार अंसारी की मौत के पीछे की वजह जानने के लिए विसरा जांच होगा। जिसके लिए मुख्तार की विसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है...

बीते गुरुवार को हुए मुख्तार अंसारी की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। मुख्तार के इन्तेकाल के बाद देश भर में एक सवाल सभी के मन में घर किये हुए है। सवाल है कि आखिर मुख्तार की मौत एक हादसा था या सुनियोजित साजिश। इस मामले पर एक तरफ जहां विपक्ष ने इस मामले पर सत्ता पक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ अब प्रदेश की योगी सरकार भी एक्शन में आ चुकी है।

खबर है कि अब मुख्तार अंसारी की मौत के पीछे की वजह जानने के लिए विसरा जांच होगा। जिसके लिए मुख्तार की विसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है, जिससे अब उसके मौत के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। दरअसल, मुख्तार की मौत के बाद उसके परिजनों ने आरोप लगाया था कि, “मुख्तार को ‘धीमा जहर’ दिया गया है।” जिसके बाद इस मामले पर सियासत गरमाने लगी थी।

ऐसे में जब मुख्तार के परिवार की तरफ से उसे जहर देने का आरोप लगाया गया तो डॉक्टरों ने मुख्तार की बॉडी के पांच ऑर्गन को विसरा प्रिजर्व कर लिया था, जिसे बाद में पुलिस को सौंप दिया गया था। अब इसी विसरा को जांच के लिए लखनऊ की लैब में भेजा गया है।

यहां जानें कैसे होती है विसरा जांच?

विसरा जांच के तहत जब किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तब उसके शव का पोस्टमार्टम किया जाता है। इस प्रकरण के दौरान मृतक के शरीर से आंत, दिल, किडनी, लीवर आदि अंगों का सैंपल ले लिया जाता है, इन अंगों के सैम्पल्स को ही विसरा कहा जाता है। ऐसे में अगर उस शख्स की मौत संदिग्ध हालात में होती है तो उसकी मौत के पीछे का सच जानने के लिए विसरा जांच की जाती है। ध्यान रहे ये जांच तब ही होता है जब पुलिस या मृतक के परिवार को उसकी मौत को लेकर कोई संदेह हो।  

ये जांच रासायनिक परीक्षक यानी की Chemical Examiner करते हैं। वो विसरा यानी मृतक के उन अंगों के सैम्पल्स की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि मृतक की मौत कैसे हुई और उसकी वजह क्या थी? जिसके बाद इसकी डिटेल्ड रिपोर्ट न्यायालय में सबूत के तौर पेश किया जाता है। 

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