
अफगानिस्तान में 1 जनवरी 2026 को 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप की गहराई 113 किमी थी। इससे पहले, 29 दिसंबर 2025 को अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 109 किमी थी।
भूकंपों की बढ़ती संख्या
अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र भूकंप के लिए जाना जाता है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है। यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। नवंबर 2025 में 6.3 तीव्रता का भूकंप उत्तरी अफगानिस्तान में आया था, जिसमें 27 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस भूकंप से देश के एक प्रमुख मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा था।
अफगानिस्तान की भूकंप के प्रति संवेदनशीलता इसके भूगर्भीय स्थितियों के कारण है। यहां एक प्रमुख फॉल्ट लाइन भी स्थित है, जो देश के कई हिस्सों, विशेषकर हेरात क्षेत्र, से गुजरती है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौती
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं, जैसे भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़, के लिए बेहद संवेदनशील है। देश के नागरिक दशकों से संघर्ष और सीमित विकास के कारण पहले ही चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बार-बार आने वाले भूकंप उनके लिए और भी गंभीर समस्या बन गए हैं, क्योंकि उनके पास इन झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त सहनशीलता नहीं है।









