
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामे की चपेट में आ गई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला। इसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने इसका तीखा विरोध किया, यह कहते हुए कि जब कोई किताब प्रकाशित नहीं हुई है, तो उसका कोई अंश सदन में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
इस मामले पर स्पीकर ने राहुल गांधी को राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर ही बोलने की अनुमति दी, लेकिन राहुल ने इस पर ध्यान नहीं दिया और सदन में हंगामा जारी रखा। अंत में, सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा ने कांग्रेस पर देशभक्ति का आरोप लगाया। इसके जवाब में राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के संस्मरण ‘डोकलाम में चीनी टैंक’ का उल्लेख किया।
चलिए अब बता देते हैं रि जनरल एम एम नरवणे कौन हैं?
जनरल एम एम नरवणे भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख हैं। वह एक फौजी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता भारतीय वायुसेना के अधिकारी थे। नेशनल डिफेंस एकेडमी और पुणे में इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पढ़ाई करने वाले जनरल के पास डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। जनरल नरवणे ने 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त किया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद-रोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2019 में वह भारतीय सेना के 27वें प्रमुख बने और 2022 में सेवानिवृत्त हुए।









