
लखनऊ: त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को एक और बड़ा और जोरदार झटका लगा है। रसोई की सबसे बुनियादी और रोजमर्रा की जरूरत मानी जाने वाली चीनी अचानक काफी महंगी हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खुदरा बाजारों में चीनी का भाव उछलकर सीधे 64 से 65 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचा है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ गया है।
मांग बढ़ी और दाम भी
त्योहारों के इस सीजन में घरों में बनने वाली मिठाइयों, पकवानों के साथ-साथ हलवाइयों के यहाँ भी चीनी की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में इस बार फसल को हुए नुकसान और उत्पादन घटने की आशंकाओं ने खुले बाजार में कीमतों को पंख लगा दिए हैं। इसके अलावा, जमाखोरी और सट्टेबाजी की मिल रही शिकायतों ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
यूपी में मचा त्राहिमाम
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों में शुमार उत्तर प्रदेश की राजधानी में ही आम जनता को इतनी महंगी चीनी क्यों खरीदनी पड़ रही है? क्या थोक बाजारों में कीमतों में उतार-चढ़ाव का लाभ आम खुदरा ग्राहकों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है? त्योहारी रौनक के बीच चीनी की इन बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की मिठास जरूर फीकी कर दी है, और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इस जमाखोरी और महंगाई पर कब लगाम कसता है।









