अडानी पोर्ट्स का अब तक का सबसे बड़ा डोमेस्टिक बॉन्ड इश्यू: 15 साल के लिए 5,000 करोड़ जुटाए

नई दिल्ली – अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने 5,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा घरेलू बॉन्ड इश्यू सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह फंडिंग 15 साल की अवधि वाले नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के माध्यम से की गई है, जिसे पूरी तरह से भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सब्सक्राइब किया।

इस बॉन्ड पर सालाना 7.75% का ब्याज दर तय किया गया है और इसे BSE पर लिस्ट किया जाएगा। यह इश्यू कंपनी की अब तक की सबसे लंबी अवधि की डोमेस्टिक बॉन्ड डील मानी जा रही है।

कंपनी के मुताबिक:

  • इस कदम से अडानी पोर्ट्स की औसत कर्ज अवधि 4.8 साल से बढ़कर 6.2 साल हो गई है।
  • यह कंपनी के कैपिटल मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है, जिसका मकसद है –
  • दीर्घकालिक फंडिंग को आसान बनाना
  • कर्ज लागत को कम करना
  • फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाना

APSEZ के CEO और Whole-time Director अश्विनी गुप्ता ने कहा, “यह सिर्फ फाइनेंसिंग नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। हमारा लक्ष्य है दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी बनना।”

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी FY30 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडल करने का लक्ष्य रखती है, जो FY25 के मुकाबले दोगुना है।

इस बॉन्ड के जरिए मिले फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने डॉलर बॉन्ड की बायबैक प्रक्रिया में कर सकती है, जिस पर फैसला 31 मई 2025 को बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।

कंपनी की ‘AAA/Stable’ क्रेडिट रेटिंग बरकरार है, जो भारत की सभी प्रमुख रेटिंग एजेंसियों – CRISIL, ICRA, CARE और इंडिया रेटिंग्स – द्वारा दी गई है।

यह डील कंपनी को दीर्घकालिक योजनाओं के लिए जरूरी स्थिर पूंजी और लिक्विडिटी देने के साथ-साथ तकनीक, लॉजिस्टिक्स और मेरिटाइम बिज़नेस में विस्तार के लिए भी मदद करेगी।

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