अदाणी पोर्ट्स को S&P ग्लोबल से मिली बड़ी रेटिंग अपग्रेड, BBB- से सीधे इन्वेस्टमेंट ग्रेड BBB पर पहुंची कंपनी, जानिए क्या है वजह

मजबूत कैश फ्लो, बेहतर बैलेंस शीट और विस्तार योजनाओं को देखते हुए स्टेबल आउटलुक के साथ मिली नई रेटिंग; 2030 तक पोर्ट कैपेसिटी 1 बिलियन टन करने का लक्ष्य, सालाना कैपेक्स 20,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

नई दिल्ली। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) की रेटिंग को BBB- से अपग्रेड करते हुए इन्वेस्टमेंट-ग्रेड BBB पर पहुंचा दिया है। रेटिंग एजेंसी ने इसके पीछे कंपनी की मजबूत कैश जेनरेशन, दुरुस्त बैलेंस शीट और बड़ी विस्तार योजनाओं को बिना वित्तीय सेहत बिगाड़े फंड करने की क्षमता को अहम वजह बताया है।

स्टेबल आउटलुक का क्या है मतलब?

एसएंडपी ने APSEZ को स्टेबल आउटलुक दिया है, जो इस उम्मीद को दर्शाता है कि कंपनी अगले 12 से 24 महीनों में अपना मजबूत ऑपरेटिंग प्रदर्शन बरकरार रखेगी। एजेंसी का अनुमान है कि अधिक पूंजीगत खर्च के बावजूद कंपनी अपना नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात करीब 2.6 गुना बनाए रखने में सफल रहेगी।

कितनी बड़ी है विस्तार योजना?

एसएंडपी के अनुसार, कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति उसकी महत्वाकांक्षी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश देती है। इसके तहत APSEZ घरेलू पोर्ट कैपेसिटी को मौजूदा 653 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030 तक 1 बिलियन टन करना चाहती है। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 और 2028 में कंपनी का सालाना कैपिटल खर्च बढ़कर करीब 18,000 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029 में 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो अब तक लगभग 13,000 करोड़ रुपये रहा है। इस खर्च का बड़ा हिस्सा घरेलू पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर कंटेनर टर्मिनल क्षमता बढ़ाने पर लगेगा।

विदेशी बाजारों में एंट्री को लेकर चेतावनी

APSEZ अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विकास के अवसर तलाश रही है, लेकिन एसएंडपी ने आगाह किया है कि कमजोर नियामक और व्यापक आर्थिक माहौल वाले बाजारों में अधिग्रहण से कमाई की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और परिचालन जोखिम बढ़ सकते हैं।

आगे और अपग्रेड की संभावना

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कंपनी की हाल में सख्त की गई लेवरेज पॉलिसी, जिसका लक्ष्य नेट डेट-टू-EBITDA को 2.5 गुना तक सीमित रखना है, इस विश्वास को मजबूत करती है कि निवेश खर्च बढ़ने के बाद भी वित्तीय मानक मजबूत बने रहेंगे। विझिनजाम और कोलंबो सहित अन्य पोर्ट पर अधिक क्षमता उपयोग और ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल से पूरे साल के योगदान से कमाई में बढ़ोतरी की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2027 में कार्गो वॉल्यूम में करीब 18 प्रतिशत और अगले दो वर्षों में सालाना 7-8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

एसएंडपी ने यह भी संकेत दिया कि यदि कंपनी जोखिम भरे विदेशी बाजारों में एक्सपोजर बढ़ाए बिना लगातार वृद्धि दर्ज कराती है और लेवरेज स्तर को सीमित रखती है, तो भविष्य में और अपग्रेड पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, यदि लेवरेज लंबे समय तक 3.5 गुना से ऊपर रहता है या कंपनी उम्मीद से अधिक बड़े ऋण-वित्तपोषित निवेश करती है, तो रेटिंग पर दबाव भी पड़ सकता है।

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