
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद आज छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदान से पहले बीती रात प्रत्याशियों ने अपनी फाइनल स्पीच दी और छात्रों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। अलग-अलग मुद्दों के जरिए प्रत्याशियों ने छात्रों को आकर्षित करने की कोशिश की।
फाइनल स्पीच के आधार पर जीत का अनुमान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के दौरान फाइनल स्पीच की खास परंपरा रही है। यहां माना जाता है कि जो प्रत्याशी अपनी स्पीच से छात्रों को प्रभावित करने में सफल रहता है, उसकी जीत की संभावना मजबूत हो जाती है। इसी परंपरा के तहत बीती रात अलग-अलग प्रत्याशियों ने अपनी बात रखी। अब आज सुबह से मतदान होगा और शाम 6 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
प्रत्याशियों को सुनने उमड़ा छात्रों का हुजूम
छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों की स्पीच सुनने के लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। देर रात तक छात्रों ने अलग-अलग प्रत्याशियों की बातें सुनीं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कुछ प्रत्याशियों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आजम खान को जल्द जेल से बाहर लाने का दावा किया। वहीं, कुछ ने सूडान और इराक में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाया, तो कुछ प्रत्याशियों ने फिलिस्तीन की आजादी की बात कही।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का मुद्दा भी उठा
फाइनल स्पीच के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रही ज्यादती का मुद्दा भी चर्चा में रहा। कुछ प्रत्याशियों ने कहा कि जीतने के बाद वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के अधिकारों की आवाज उठाएंगे।
वहीं, सर सैयद अहमद खान के विचारों का हवाला देते हुए कहा गया कि उन्होंने हमेशा हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की बात की थी। उनके विचारों के जरिए विश्वविद्यालय में आपसी एकता और सभी के अधिकारों का मुद्दा उठाया गया।
अध्यक्ष पद की दौड़ में छात्रा भी शामिल
चुनाव के दौरान विश्वविद्यालय में लॉबी व्यवस्था खत्म करने का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं, अध्यक्ष पद की दावेदार एक छात्रा ने भी अपनी स्पीच के जरिए छात्रों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि AMU में बुर्का और शेरवानी के बीच कोई मुकाबला नहीं है, बल्कि यहां हर कोई अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई बहस नहीं है, बल्कि छात्रों की आवाज को आगे ले जाने की लड़ाई है। जो छात्रों की आवाज को आगे बढ़ाएगा, वही उनका भविष्य तय करेगा।
अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और सचिव पद के लिए 3 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कैबिनेट सदस्य के पदों के लिए 46 उम्मीदवारों को योग्य पाया गया है।
यूनिवर्सिटी कोर्ट की सदस्यता के लिए विभिन्न संकायों से भी उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें चिकित्सा संकाय से 5, जीव विज्ञान संकाय से 3, यूनानी चिकित्सा संकाय से 7, वाणिज्य संकाय से 6, विज्ञान संकाय से 5 और कला संकाय से 8 उम्मीदवार शामिल हैं।
इसके अलावा प्रबंधन अध्ययन एवं अनुसंधान तथा अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकायों से 6, कृषि विज्ञान एवं धर्मशास्त्र संकायों से 4, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय से 7, विधि संकाय से 4 और सामाजिक विज्ञान संकाय से 13 उम्मीदवारों को योग्य पाया गया है।
महिला कॉलेज छात्रसंघ के लिए भी चुनाव
महिला कॉलेज छात्रसंघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 6, उपाध्यक्ष पद के लिए 4, सचिव पद के लिए 5 और कैबिनेट सदस्य के लिए 18 उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया है।
आठ साल बाद हो रहे इस छात्रसंघ चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी हैं। आज होने वाले मतदान के बाद शाम 6 बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसके बाद विश्वविद्यालय के नए छात्रसंघ प्रतिनिधियों की तस्वीर साफ हो जाएगी।









