
दिल्लीः कुश्ती संघ चुनाव परिणाम के बाद साक्षी मलिक ने कुश्ती त्यागने का एलान कर दिया है। साक्षी मलिक ने कहा कि ब्रजभूषण शरण का राइट हैंड ही अध्यक्ष बना है। साक्षी ने कहा कि हमें सरकार पर विश्वास था लेकिन वो पूरा नहीं हुआ। हमारी मांग थी महिला को अध्यक्ष बनाया जाए। साक्षी ने कहा कि मुझे दुःख हो रहा है कि ऐसे लोगों को अध्यक्ष बनाया गया। हमें नहीं पता इस देश में न्याय कैसे मिलता है।
पहलवान साक्षी मलिक ने कहा, "हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए। अगर बृजभूषण सिंह के बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी इस फेडरेशन में रहेगा, तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं…"@SakshiMalik #Delhi #BreakingNews #bharatsamachar pic.twitter.com/FVUMW2TFW5
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) December 21, 2023
गौरतलब है कि आज संजय कुमार सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। नए अध्यक्ष संजय को ‘बबलू’ नाम से भी जाना जाता है। वह उत्तर प्रदेश के कुश्ती संघ और राष्ट्रीय कुश्ती संघ दोनों में पदाधिकारी रहे हैं।
साल 2019 में भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारी कमिटी में संयुक्त सचिव चुने गए थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली के रहने वाले हैं।वह लम्बे समय तक महासंघ पर राज करने वाले बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। ऐसे में भारतीय कुश्ती में अप्रत्यक्ष तौर पर ही सही, एक बार फिर बृजभूषण का दबदबा बरकरार है।
बता दें कि कुश्ती की वैश्विक संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने अगस्त 2023 में निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराने में विफल रहने के कारण WFI को निलंबित कर दिया था और भारत के पहलवानों ने पिछले कुछ महीनों में वैश्विक प्रतियोगिताओं में तटस्थ एथलीटों के रूप में प्रतिस्पर्धा की थी। आज सम्पन्न हुए चुनावों से WFI पर लगे प्रतिबंध को हटाने का रास्ता साफ होगा। अध्यक्ष सहित कुल 15 पदों पर चुनाव हुए हैं।
साफ है कि अप्रत्यक्ष तौर एक बार फिर बृजभूषण का दबदबा बरकरार होने के कारण साक्षी मलिक ने कुश्ती त्यागने का एलान किया है।









