Agra: व्यापारी के किडनैपिंग की झूठी कहानी का खुलासा, जानें पूरे मामले की सच्चाई…

व्यापारी सतीश अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अपहरण कर लिया गया था और लूट की घटना को अंजाम दिया गया। उनका आरोप था कि उन्हें नीली रंग की कार में जबरदस्ती बैठाकर लूटा गया और किडनैप कर लिया गया था।

Uttar-Pradesh: समाज में बदलाव के साथ-साथ लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं। नए-नए अनुभवों की तलाश में, लोग अब अपनी सेक्सुअल लाइफ में भी विभिन्न पहलुओं को अपनाने लगे हैं। गे और लेसबियन जैसे रिश्तों का चलन बढ़ा है और इन रिश्तों के लिए कई डेटिंग ऐप्स भी मौजूद हैं। हालांकि, समाज में इन रिश्तों को अभी भी पूरी तरह से स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग धोखाधड़ी करने में लगे हैं। इन मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक व्यापारी ने अपने समलैंगिक रिश्ते को छुपाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी बना डाली। हालांकि पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया।

आगरा के थाना एत्मादौला क्षेत्र के रामबाग इलाके में व्यापारी का अपहरण हुआ था। जिसको लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। पुलिस टीमों की जांच में सामने आया है कि व्यापारी द्वारा लगाए गए अपहरण के आरोप पूरी तरह से झूठे थे, और इस मामले में समलैंगिक संबंधों की गहरी साजिश शामिल थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहन ठाकुर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा सामने आया है।

बता दें, व्यापारी सतीश अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अपहरण कर लिया गया था और लूट की घटना को अंजाम दिया गया। उनका आरोप था कि उन्हें नीली रंग की कार में जबरदस्ती बैठाकर लूटा गया और किडनैप कर लिया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई टीमें गठित कीं थी। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि अपहरण का आरोप पूरी तरह से फर्जी था।

वहीं, पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि व्यापारी का मुख्य आरोपी रोहन ठाकुर के साथ समलैंगिक संबंध था। व्यापारी ने एक फेसबुक फ्रेंड को कॉल करके मिलने के लिए बुलाया था, और दोनों ने एक साजिश के तहत इस अपहरण की कहानी रची थी। व्यापारी का कहना था कि वह पैसे की कमी के कारण इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पुलिस ने इस पूरे मामले में रोहन ठाकुर और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, जांच में यह भी पाया गया कि व्यापारी के बैंक खाते से 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह रकम किसी अज्ञात खाते में भेजी गई थी। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए इस साजिश में इस्तेमाल की गई नीली रंग की कार को भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी घटना एक साजिश का हिस्सा थी, जिसमें व्यापारी ने खुद को किडनैप करने का नाटक किया था।

बता दें, सीपी ने मामले के खुलासे के लिए कई टीमें बनाई थी, और सभी टीमों ने मिलकर जांच को आगे बढ़ाया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि व्यापारी और आरोपियों के बीच कुछ निजी और संवेदनशील संबंध थे, जो इस पूरी घटना के पीछे की असल वजह बनें। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द ही इस मामले में और जानकारी मिलने की संभावना जताई है।

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