
भारत की एविएशन इंडस्ट्री में नए साल की शुरुआत ऐतिहासिक साबित हुई है। बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू एयरलाइन इंडिगो को देश का पहला एयरबस A321 एक्सएलआर एयरक्राफ्ट मिला। यह विमान खासतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए डिज़ाइन किया गया है, और इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह बिना रुके 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
एयरबस A321 एक्सएलआर का भारतीय यात्रियों के लिए काफी महत्व है क्योंकि यह उनके लिए नया और बेहतर उड़ान अनुभव लेकर आएगा। यह विमान दिल्ली और मुंबई से एथेंस के लिए सीधी और बिना रुकी उड़ान सेवा शुरू करने में मदद करेगा, जो अगले महीने से शुरू होने वाली है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने इसे इंडिगो के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि अब भारत से लंबी दूरी की यात्रा करना आसान हो जाएगा और एयरलाइन को नए अंतरराष्ट्रीय रास्तों पर विस्तार करने का मौका मिलेगा।
साल 2026 तक और विमान मिलने की संभावना
इंडिगो ने इस एयरक्राफ्ट के लिए कुल 40 ऑर्डर दिए हैं और साल 2026 तक और नौ एयरक्राफ्ट मिलने की उम्मीद है। यह विमान इस्तांबुल, तुर्की और बाली, देनपसार जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उपयोग किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य भारतीय यात्रियों को ऐसी लंबी दूरी की उड़ानें प्रदान करना है, जो अभी तक भारत से सीधी नहीं जाती हैं। एयरलाइन को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में इस विमान के जरिए यात्रियों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि होगी।
एयरबस A321 एक्सएलआर की विशेषताएं
यह एयरक्राफ्ट एक बार में 4,700 नॉटिकल मील यानी करीब 8,700 किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भर सकता है, और इसमें दो श्रेणियां हैं: बिजनेस क्लास और इकोनॉमी क्लास। बिजनेस क्लास में 12 सीटें और इकोनॉमी क्लास में 183 सीटें हैं। यह विमान यात्रियों को आरामदायक और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, जैसे कि चौड़ी इकोनॉमी सीटें, बिजनेस क्लास में अत्याधुनिक सुविधाएं, और उड़ान के दौरान मनोरंजन और कनेक्टिविटी की सुविधा।
कम खर्च और अधिक किफायती
एयरबस A321 एक्सएलआर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पुराने एयरक्राफ्ट के मुकाबले 30 फीसदी कम ईंधन की खपत होती है, जिससे यह काफी किफायती हो जाता है। इसके अलावा, इस विमान में शोर भी 50 फीसदी कम होगा। इसका कुल आकार 44.41 मीटर है, और इसका टेक ऑफ का अधिकतम वजन 101.5 टन है। यह विमान इंडिगो को अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं में एक अहम मदद करेगा।









