
लखनऊ; यूपी विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है. सत्र के अंतिम दिन सदन में नेता सत्तापक्ष योगी आदित्यनाथ व नेता विपक्ष अखिलेश यादव मौजूद हैं. इस दौरान विधानसभा में नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने सराकर पर चुन-चुन कर प्रहार किया. पूर्व सीएम ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नफरत, महंगाई, बेरोजगारी से भाजपा की सरकार पहचानी जाती है. आज इनकी पहचान नफरत से है.
अखिलेश ने कहा कि सरकार 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का दावा करती है. लेकिन बिना किसान के ये कैसे संभव होगा. बरसात में जलभराव को लेकर खड़ी हुई समस्याओं को लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि गोरखपुर की गलियों में पानी भरा है. सीएम अपने शहर का जलभराव नहीं ठीक कर पाए. साढ़े 6 साल में अपने यहां ही काम नहीं करा पाए. जब सीएम अपना घर ठीक नहीं कर सकते तो दूसरों का कैसे करेंगे?
पूर्व सीएम ने किसानों की समस्या को उठाते हुए कहा कि साढ़े 6 साल में प्रदेश में कहीं नई मंडी नहीं बनी. फसलों की कीमत सरकार नहीं दे पा रही है. उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि नेता सदन बताएं सरकार ने कितना आलू खरीदा, गन्ना किसानों का कितना बकाया है ! आलू, चावल कितना एक्सपोर्ट हुआ यह सरकार को बताना चाहिए.
टमाटर के बढ़ते भाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि टमाटर पर नेता सदन बात नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि टमाटर चोरी की घटनाएं होने लगी थीं. वाराणसी में दुकानदार ने सिक्योरिटी लगाकर टमाटर बेचा तो उसे जेल भेज दिया.









