अखिलेश यादव ने ईवीएम को लेकर किया बड़ा हमला, भाजपा सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

उन्होंने दावा किया, जर्मनी में इसे असंवैधानिक माना जाता है, और जापान जहां ईवीएम की शुरुआत हुई थी, वहां भी अब ईवीएम से मतदान नहीं होता.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कई मुद्दों पर अपनी बात को रखा.इस दौरान उन्होंने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाए और भारतीय लोकतंत्र के चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर टिप्पणियां कीं.

अखिलेश यादव ने सबसे पहले लोकसभा चुनाव और उसकी जीत को लेकर अपने बयान को साझा किया. अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, अगर मैं लोकसभा की सभी 80 सीटें भी जीत गया, तब भी मैं ईवीएम को पसंद नहीं करूंगा. मैंने लोकसभा में यह बात कही थी, और अगर यह गलत है तो भाजपा इसका जवाब दे. अभी हमने ईवीएम से बीजेपी को हराया है, और भविष्य में बैलेट पेपर से भी बड़े पैमाने पर भाजपा को हराएंगे. उन्होंने अपने भाषण में जर्मनी, अमेरिका और जापान का उदाहरण भी दिया, जहां ईवीएम से वोटिंग नहीं की जाती है.उन्होंने दावा किया, जर्मनी में इसे असंवैधानिक माना जाता है, और जापान जहां ईवीएम की शुरुआत हुई थी, वहां भी अब ईवीएम से मतदान नहीं होता.

इसके अलावा, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, भाजपा सरकार के कार्यकाल में जितने मंदिरों को तोड़ा गया, उतना कभी किसी राजा के शासनकाल में नहीं हुआ. भाजपा सरकार में पौराणिक मंदिरों को तोड़ा जा रहा है. मीडिया भी भाजपा के साथ है और हमारे प्रयासों को नकारा कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि वह सैफई और इटावा में मंदिर बना रहे हैं, लेकिन भाजपा के लोग उसमें भी अड़ंगा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

अखिलेश यादव ने काशी के मामले में भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा, भाजपा ने काशी का बहुत बुरा हाल कर दिया है. अब न क्यूटो बना है और न ही काशी रह गई है. भाजपा सरकार में अन्याय और अत्याचार चरम पर हैं, और हमारा लक्ष्य केवल भाजपा को हटाना होना चाहिए.

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