अखिलेश यादव ने दी भगदड़ के मृतकों को श्रद्धांजली

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अव्यवस्था जन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
श्री अखिलेश यादव ने सरकार से अपील की है कि भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं की सरकार अच्छा से अच्छा इलाज कराये। मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए। ⁠जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं। महाकुंभ में हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
श्री यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ में आये संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए महाकुंभ का प्रशासन और प्रबन्धन उत्तर प्रदेश शासन के स्थान पर तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। विश्व स्तरीय व्यवस्था करने का प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई जब सामने आ गई है तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे है। उन्हें इस हादसे में मारे गए लोगों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ मेला क्षेत्र, प्रयागराज के नगरीय क्षेत्र, जन परिवहन के केंद्रो, प्रयागराज शहर की सीमाओं व विभिन्न शहरों में प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्गों को बंद करने से करोड़ों लोग सड़कों पर फँस गये हैं। लाखों वाहनों में करोड़ों लोग दसों किलोमीटर लंबे जाम में फँसे पड़े हैं। सरकार को इसे सामान्य बचाव के स्थान पर शासनिक-प्रशासनिक लापरवाही से जन्मी आपदा मानकर तुरंत सक्रिय हो जाना चाहिए। सूर्यास्त से पहले ही श्रद्धालुओं तक भोजन-पानी की राहत पहुँचानी चाहिए और उनमें ये भरोसा जगाना चाहिए कि सबको सकुशल अपने गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार और केंद्रीय सरकार के द्वारा की जाएगी। जो लापता हैं उन्हें ढूँढकर उनके घरों तक सही सलामत पहुँचाया जाना चाहिए। मृतकों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए समस्त समारोह, उत्सवधर्मिता व स्वागत कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए।

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