
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जाति जनगणना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं डाला है, जो कि एक स्पष्ट संकेत है कि भाजपा जाति जनगणना नहीं करना चाहती। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब जनगणना में जाति का कॉलम ही नहीं होगा, तो किसे गिना जाएगा? भाजपा का जातिगत जनगणना सिर्फ जुमला है। आरक्षण की लड़ाई खुद लड़नी होगी। PDA समाज के खिलाफ भाजपाई साज़िश है। भाजपा का मतलब ‘धोखा’ लिख देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ”जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है, गिनेंगे क्या। जातिगत जनगणना भी भाजपा का जुमला है। भाजपा का सीधा फ़ार्मूला है, न गिनती होगी, न आनुपातिक आरक्षण-अधिकार देने का जनसांख्यिकीय आधार बनेगा। जातिगत जनगणना न करना पीडीए समाज के ख़िलाफ़ भाजपाई साज़िश है।
आज भाजपा पर भरोसा करनेवाले अपने को ठगा हुआ ही नहीं बल्कि घोर अपमानित भी महसूस कर रहे हैं। भाजपा में जो कार्यकर्ता व नेता अब तक जातिगत जनगणना करवाने का दावा कर रहे थे, वो अब अपने समाज में मुँह दिखाने लायक नहीं बचे। वो अब गले से भाजपाई पट्टा और घरों, दुकानों, वाहनों से भाजपा का झंडा उतारने के लिए मजबूर हैं।
पीडीए को अपने मान-सम्मान, आरक्षण और अधिकार की लड़ाई ख़ुद लड़नी होगी। अब जब विरोध होगा तो ‘छलजीवी भाजपा’ फिर कहेगी ये टाइपिंग मिस्टेक हो गयी। भाजपा अब इतनी बुरी तरह एक्सपोज़ हो गयी है कि सबको मालूम है कि अपने गलत मंसूबों के भंडाफोड़ होने के बाद आगे क्या करेगी। दरअसल ये भाजपाई चालाकी नहीं, भाजपाई बेशर्मी है। अब शब्दकोशों में ‘वचन-विमुखी’ भाजपा का मतलब ‘धोखा’ लिख देना चाहिए।









