पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार की सर्वदलीय बैठक आज, युद्ध के साये में भारत एक साथ

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और गहराते संकट के मद्देनज़र भारत सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम पांच बजे आयोजित होगी, जिसमें कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दल शामिल होंगे। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी इसमें उपस्थित होने की संभावना है।

वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वह इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि उनका केरल में पहले से तय कार्यक्रम है। विपक्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उससे उत्पन्न जोखिमों को लेकर सरकार से लगातार सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चाहते हैं कि इस संकट पर एक स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया जाए और भारत के हितों को सुनिश्चित किया जाए।

राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सात नए अधिकार संपन्न समूहों का गठन किया गया है। ये समूह एलपीजी, आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों का नियमित आकलन करेंगे और सरकार को सुझाव देंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी इस संघर्ष का असर भारत पर भी पड़ा है और यह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। उन्होंने लोकसभा में भी कहा था कि इस अप्रत्याशित संकट से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है और लगातार कदम उठा रही है।

पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के प्रयास के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वैश्विक पोत परिवहन को सुरक्षित करने पर चर्चा की गई। ईरान के लिए अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समयसीमा पांच दिन बढ़ाई थी, जिसके एक दिन बाद ट्रंप ने पीएम मोदी से यह फोन वार्ता की।

Related Articles

Back to top button