राहुल गांधी के “खटाखट” वाले बयान के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में पर्याप्त जानकारी नहीं देने के आधार पर याचिका को खारिज किया है.

प्रयागराज- लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनी सरकार बनने पर हर महीने साढ़े आठ हजार रुपए दिए जाने के वायदे से जुड़ा मामला है.झूठे वादे पर कांग्रेस पार्टी के सभी 99 सांसदों को अयोग्य घोषित किए जाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका खारिज की है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में पर्याप्त जानकारी नहीं देने के आधार पर याचिका को खारिज किया है. सामाजिक कार्यकर्ता भारती सिंह की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी.

जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस मनीष कुमार निगम की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई है. अदालत ने जनहित याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा अपनी पर्याप्त जानकारी नहीं देने के आधार पर याचिका को खारिज करने की बात कही.

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका को वापस लिए जाने की बात कही,याचिकाकर्ता ने कहा कि वह पूरे तथ्यों के साथ याचिका को दोबारा नए सिरे से दाखिल करना चाहता है.अदालत ने याचिकाकर्ता को इसकी छूट देने की बात कही.

कांग्रेस पार्टी द्वारा सरकार बनने पर खटाखट हर महीने साढ़े आठ हजार रूपए अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई थी.

जनहित याचिका के जरिए कांग्रेस पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने, उसका चुनाव चिन्ह जब्त किए जाने और सभी 99 सांसदों को आयोग की घोषित किए जाने व उनकी सदस्यता रद्द किए जाने की मांग की गई थी.

जनहित याचिका में याची भारती सिंह ने अपने बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी.कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका में याचिकाकर्ता के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए थी.

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