
दिल्ली– आम आदमी पार्टी को जब से दिल्ली की कमान मिली है.तब से उन्होंने शिक्षा नीति पर कुछ खास तरीके से काम किया है. सरकारी स्कूलों के ऐसे बेहतर मॉडल तैयार कर दिए की. जो लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे थे. वो भी अब अपने बच्चों को वापस से सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेज रहे है.
दरअसल, दिल्ली के सरकारी स्कूलों के स्ट्रक्चर इतने हाईटेक और बेहतरीन बन गए कि कितनी भी अपर मिडिल क्लास फैमिली का परिवार क्यों न हो.वो बच्चों को अच्छी से अच्छी और बेहतर शिक्षा देने के लिए यहां पर पढ़ाने के लिए भेजेंगे ही.
इसकी ताजा मिसाल कुछ इस तरह से देखी जा सकती है कि दिल्ली स्कूलों का अमेरिकी शिक्षक दौरा करने के लिए आए है. दिल्ली की केजरीवाल सरकार की शिक्षा मॉडल की हर जगह चर्चा हो रही है.
दुनियाभर से शिक्षक केजरीवाल सरकार के स्कूलों में आए बदलावों को देखने के लिए उत्सुक है. इस दिशा में 15 अमेरिकी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय, वेस्ट विनोद नगर का दौरा किया. इस दौरान वहाँ शिक्षा मंत्री आतिशी भी मौजूद रही. ये शिक्षक अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित फुलब्राइट टीचर्स एक्सचेंज प्रोग्राम के फुलब्राइट टीचर्स फॉर ग्लोबल क्लासरूम कार्यक्रम का हिस्सा हैं.
सरकारी स्कूल विजिट के दौरान अमेरिकी शिक्षकों बने हैप्पीनेस और ईएमसी क्लास का हिस्सा लिया. अपने क्लास में बदलाव चाहने वाले दुनिया भर के शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत केजरीवाल मॉडल ऑफ एजुकेशन बना है.केजरीवाल सरकार हर बच्चे के लिए गुणवत्ता वाली शिक्षा देने का काम करते हुए शिक्षा के माध्यम से देश को नंबर 1 बनाने पर फोकस कर रही है. फुलब्राइट प्रोग्राम शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल पार्टनरशिप को बढ़ावा देने, नए आइडियाज और इनोवेशन के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
वहीं अमेरिकी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नए आइडियाज के साथ हर बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता है.
वहीं देशभर में दिल्ली मॉडल का डंका बजाने वाली केजरीवाल सरकार की आठ साल की सरकार ने दिखाया कि अगर किसी सरकार की बेहतर शिक्षा देने की हो, जनता की सेवा करने की भावना हो तो किसी भी सरकार के पास पैसों की कभी कोई कमी नहीं होती. जिसकी पुष्टि दिल्ली में केजरीवाल सरकार के द्वारा बनाए गए बढ़िया सरकारी स्कूल,हॉस्पिटल, फ्री बिजली, पानी और अन्य ऐसी योजनाएं है.









