
Uttar-Pradesh: अमेठी के गंगागंज तहसील इलाके में एक युवक के जीवन में घर की कमी ने उसे गहरे संकट में डाल दिया है। मकान न होने से युवक की शादी में अड़चने लग जाती हैं। युवक ने दो बार शादी की थी, लेकिन पक्के मकान के अभाव में उसकी शादी टूट गई। यह मामला अब जिले के प्रशासन के सामने है, जहां पीड़ित युवक ने जिलाधिकारी से न्याय की मांग की है।
बता दें, युवक के पास कोई स्थिर मकान नहीं है, जिसके कारण वह इधर-उधर घूमकर गुजारा कर रहा है। घर के बिना रहने का सबसे बड़ा असर उसकी शादी पर पड़ा। एक तरफ सुरक्षित आशियाना न मिलने से मानसिक तनाव बढ़ा, दूसरी तरफ घर के अभाव में युवक को सामाजिक सम्मान भी नहीं मिल पा रहा हैं। इस वजह से उसकी पहली शादी टूट गई और फिर दूसरी बार भी घर की कमी के कारण उसकी शादी टूट गई।
बता दें, युवक ने कई बार आवेदन भी किया था, लेकिन सरकारी अधिकारियों से उसे कोई मदद नहीं मिल पाई। उसने आवास के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला प्रशासन से संपर्क किया था, लेकिन न तो उसे जमीन मिली और न ही कोई पक्का मकान बनवाने का प्रावधान। इस निराशाजनक स्थिति के कारण युवक को अपनी स्थिति सुधारने में काफी कठिनाई हो रही है।
युवक अब अपनी पूरी उम्मीद जिलाधिकारी पर लगा चुका है। उसने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्याएं साझा की और अनुरोध किया कि उसे शीघ्र आवासीय सहायता दी जाए। युवक ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह खुद से कोई पक्का घर बना सके। प्रशासन से सहयोग मिलने पर उसकी ज़िंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है, और उसे अपने परिवार को एक सुरक्षित जीवन देने का अवसर मिल सकता है।
अमेठी जैसे ग्रामीण इलाकों में कई परिवार सरकारी आवास योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। पक्के मकान के लिए आवेदन करने के बावजूद, कई परिवार अब भी झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं और उन्हें अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की चिंता सताती रहती है।
जिलाधिकारी से न्याय की उम्मीद लगाए हुए यह युवक उम्मीद करता है कि उसकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। यदि प्रशासन उसकी मदद करता है, तो उसकी ज़िंदगी में एक नई राह खुल सकती है। साथ ही, यह मामला उन हजारों परिवारों के लिए भी एक संकेत हो सकता है जो पक्के घर के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।









