
ग़ाज़ियाबाद : केंद्रीय विदेश मंत्रालय में कार्यरत कर्मचारी प्रवीण पाल को गाजियाबाद पुलिस ने विदेश मंत्रलाय के गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तानी एजेंट को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। क्रोसिंग रिपब्लिक थाने के भीमनगर इलाके में रहने वाला प्रवीन पाल दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में MST के पद पर कार्यरत है। वो पिछले 2 महीनों से मंत्रालय और G 20 समिट देशों के गिपनिय दस्तावेज अंजली नाम की एक युवती को सोशल मीडिया के जरिये भेज रहा था।

सूत्रों की माने तो खुफिया विभाग ने इसकी जानकारी गाजियाबाद पुलिस से शेयर की जिसके बाद प्रवीन पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की गई हैं। प्रवीण के कब्जे से मिले एप्पल फोन से कई अहम दस्तावेज के फोटो मिले है जिसे उसने पाकिस्तानी अजमत को भेजे है। उन सभी दस्तावेजों पर अति गोपनीय लिखा हुआ हैं।

ऑफिसियल सीक्रेसी और आईटी एक्ट के दर्ज हुआ केस।
क्रोसिंग रिपब्लिक थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह ने प्रवीन के मोबाइल से मिले दस्तावेजों के मुताबिक ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट (official secret act 1923) की धारा 3,5 और 9 के तहत केस दर्ज कराया है साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 F भी दर्ज कराई गई है। जांच में पाया गया है कि न केवल विदेश मंत्रालय बल्कि G 20 समिट के गिपनिय दस्तावेज भेजकर दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को क्षति पहुँचने की भी आशंका थी।

कोलकाता की अंजली निकली पाकिस्तान की एजेंट।
प्रवीन पाल के मोबाइल फोन में जिस अंजली नामकी लड़की से वो सोशल मीडिया व्हाट्सअप के जरिए संपर्क में आया था दरअसल वो पाकिस्तान की एजेंट निकली है। न कवक दस्तावेज भेजे गए बल्कि समय समय पर वीडियो चैट्स भी करता था। बताया जा रहा है कि गोपनीय कागजातों को मंत्रलाय में एक जगह से दूसरी जगह भेजने के दौरान वह उनकी फ़ोटो खींच लेता था और फिर बाद में उसे अंजली को भेजता था।
बैंक खाते में भी 85 हजार की ट्रांसक्शन मिली।
प्रवीण के बैंक खातों में 85 हजार की रकम भेजी गई है इस रकम को बेचने के लिए कर उसने पूछताछ में कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं थी पुलिस को आशंका है कि यह रकम दस्तावेजों को भेजने के एवज में उसे मिले हैं उसके और परिवार के अन्य बैंक खातों की भी पुलिस जांच करेगी।









