Ankita Bhandari Case Update: अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI – Central Bureau of Investigation) को पत्र भेज दिया है। यह पत्र वीआईपी की भूमिका की जांच के लिए भेजा गया है। सचिव-मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने कहा कि यह फैसला अंकिता के माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप लिया गया है, जिन्होंने लंबे समय से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की थी।
अंकिता के परिजनों की मांग के बाद हुआ फैसला
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने 7 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून में मुलाकात की थी। उन्होंने वीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच कराने के साथ-साथ इसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराने का अनुरोध किया था। कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने 9 जनवरी को सीबीआई जांच की घोषणा की थी।
वायरल ऑडियो-वीडियो मामले में बढ़ी जांच
इसी बीच अंकिता भंडारी केस से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में घिरे पूर्व विधायक सुरेश राठौर सोमवार देर रात नेहरू कॉलोनी थाना पहुंचे। यहां इंस्पेक्टर राजेश साह और राकेश शाह ने उनसे लंबी पूछताछ की।
ऑडियो में आवाज को लेकर क्या बोले सुरेश राठौर
पुलिस का मुख्य फोकस सोशल मीडिया पर वायरल उस ऑडियो पर रहा, जिसमें कथित तौर पर पूर्व विधायक की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। सुरेश राठौर ने पुलिस को बताया कि ऑडियो में आवाज उनकी हो सकती है, लेकिन उस वक्त वह पूरी तरह होश में नहीं थे। उन्होंने कहा कि निजी समस्याओं के चलते उन्हें नींद की दवाइयां लेनी पड़ती हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहती है।
नार्को टेस्ट के लिए दी सहमति
पुलिस ने सुरेश राठौर से वॉयस सैंपल देने को कहा है, ताकि फॉरेंसिक जांच कराई जा सके। इसके साथ ही पुलिस ने उनके सामने नार्को टेस्ट का विकल्प भी रखा, जिस पर उन्होंने सहमति जता दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।









