वाराणसी धमाके में फांसी की सजा पाए आतंकी वली उल्लाह की सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील मंजूर

वाराणसी बम धमाके में फांसी की सजा पाए दोषी करार आतंकी वली उल्लाह ने इस सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। वली उल्लाह को अभी हाल ही में ट्रायल कोर्ट से फांसी की सजा सुनाई गई है।

प्रयागराज : वाराणसी बम धमाके में फांसी की सजा पाए दोषी करार आतंकी वली उल्लाह ने इस सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। वली उल्लाह को अभी हाल ही में ट्रायल कोर्ट से फांसी की सजा सुनाई गई है। आतंकी वली उल्ला ने गाजियाबाद जेल प्रशासन के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल की है। अपील दाखिल कर अपने को निर्दोष साबित करने की कोशिश की गई है तथा फांसी की सजा को गलत कहा गया है. आतंकी की सजा के खिलाफ इस अपील पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है.

गाजियाबाद के डासना जेल में बंद वली उल्लाह ने अपनी जमानत के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायलय में अपील की है वही जिला प्रशासन का कहना है कि बंदी वली उल्लाह को व्यक्तिगत अनुरोध पर अपील को हाईकोर्ट के रजिस्टर को भेज दी गई थी.

वाराणसी में साल 2006 में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिसमें बम धमाके के आरोपी आतंकी वली उल्लाह को जिला न्यायलय के द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है.

वहीं जिला कारागार डासना के जेल अधीक्षक आलोक सिंह का कहना है कि व्यक्तिगत अनुरोध के आधार पर बंदी वली उल्लाह की अपील को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को भेज दी गई है. अपील पांच जुलाई को फाइल की गई और रजिस्ट्रेशन सात जुलाई को हुआ है, जबकि जेल प्रशासन अग्रिम आदेशों का इंतजार कर रहा है. छह जून को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने आतंकी वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाई थी. साथ ही 4.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. दोषी आतंकी वलीउल्लाह प्रयागराज जिले के फूलपुर स्थित नलकूप कालोनी का रहने वाला है.

वाराणसी बम धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 लोग घायल हुए थे. जबकि तीनों मामलों में 18 लोगों की मौत हुई थी व 76 लोग घायल हुए थे. अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद लंका थानाक्षेत्र व दशाश्वमेध घाट थानाक्षेत्र में हुए बम धमाके की घटना के मामले में दोषी आतंकी वलीउल्लाह को हत्या, हत्या का प्रयास, व अंग भंग करने, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम व आतंकी गतिविधि के आरोपों में फांसी की सजा सुनाई गयी है.

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