
तिरुवनंतपुरम: विझिंजम पोर्ट को मैनेज करने वाली अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने शनिवार को घोषणा की कि कंपनी विझिंजम सी पोर्ट के डेवलपमेंट में कुल 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
विझिंजम पोर्ट के दूसरे फेज़ के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा, “फेज़ 2 के तहत 16,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और 30,000 करोड़ रुपये के कुल कमिटमेंट के साथ, पोर्ट की क्षमता 2029 तक 1 मिलियन TEUs से बढ़कर 5.7 मिलियन TEUs तक पहुंच जाएगी। यह केरल राज्य में किसी भी बिज़नेस हाउस द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश है।”
विझिंजम: भारतीय सबकॉन्टिनेंट का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट
करण अदाणी ने यह भी कहा कि विझिंजम पोर्ट भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनकर उभरेगा और यह एक वैश्विक समुद्री हब के रूप में विकसित होगा। इसके अलावा, विझिंजम भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत पोर्ट भी होगा, जो भविष्य में भारतीय पोर्ट्स के लिए एक उदाहरण बनेगा।
अपने सम्बोधन में अदाणी ने विझिंजम प्रोजेक्ट को सफल बनाने में केरल के स्वर्गीय मुख्यमंत्री ओमन चांडी और वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के योगदान को भी मान्यता दी। उन्होंने कहा, “स्वर्गीय ओमन चांडी का योगदान इस परियोजना के प्रारंभ में बहुत महत्वपूर्ण था। उनके विश्वास ने विझिंजम में केरल के लिए एक बदलाव लाने का अवसर दिया।”
उन्होंने पिनाराई विजयन के निरंतर समर्थन को भी सराहा और कहा, “मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का लगातार समर्थन विझिंजम को एक महत्वपूर्ण समुद्री संपत्ति में बदलने में अहम रहा है। उनके दृढ़ संकल्प और नेतृत्व के कारण ही हम यह परियोजना सफलतापूर्वक पूरा कर पाए।”
करण अदाणी ने अपनी स्पीच में विझिंजम पोर्ट को एक “लाइटहाउस” के रूप में बताया, जो भारतीय पोर्ट्स के भविष्य को दिशा देगा। उनका कहना था कि विझिंजम एक मॉडल के रूप में काम करेगा कि भविष्य के भारतीय पोर्ट्स को कैसे विकसित किया जाए।
अदाणी ने केरल सरकार, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, और सभी राजनीतिक पार्टियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे इस परियोजना को सफल बनाने में उनके निरंतर समर्थन को बनाए रखेंगे और भरोसा दिलाया कि अदाणी ग्रुप इस भरोसे को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।









