
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल 19 दिसंबर को 10 दिन के लिए विपश्यना केंद्र में रहेंगे। विपश्यना केन्द्र में वह संचार माध्यमों से दूर एकांतवास में रहेंगे। जहां वह आम जिंदगी बिताएंगे।
अरविन्द केजरीवाल ने यह पहली बार विपश्यना केन्द्र का रुख नहीं किया है। इससे पहले भी वह 10 दिनों के लिए जा चुके हैं। इस दौरान वह मुख्यमंत्री की तरह नहीं, बल्कि एक साधु की तरह 10 दिन जीवन व्यतीत करते हैं। इस दौरान 10 दिनों तक मौन व्रत रहेंगे। मोबाइल, लैपटॉप के अलावा अन्य कोई संचार के साधन का प्रयोग नहीं करेंगे।
इस दौरान वह पीतल के बर्तनों में खाना दिया जाएगा। सोने के लिए एक कमरा मिलेगा, जिसमें सिर्फ एक कंबल और एक चादर मिलेगा। फर्स पर ही सोना होगा। इस दौरान उन्हें दो वक्त का खाना दिया जाएगा।
विपश्यना केन्द्र क्या है?
विपश्यना केंद्र में जाने के बाद व्यक्ति दुनिया से कट जाता है, जहां वह अपने आंतरिक शक्तियों को जागृत करता है। जिससे आत्मिक शांति मिलती है। यहां पर बोल नहीं सकते। जिससे गुस्से पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक समय के बाद हर एक व्यक्ति को कम-से-कम 10 दिन बिताना चाहिए।









